गाजा में इजरायली हमले: 4 की मौत, बच्चों को भी नहीं छोड़ा

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AuthorAditya Rao|Published at:
गाजा में इजरायली हमले: 4 की मौत, बच्चों को भी नहीं छोड़ा

सोमवार को गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य कार्रवाई में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। यह घटना नए निकासी आदेशों के बीच हुई। हाल के अमेरिकी राजनयिक प्रयासों के बावजूद तनाव बढ़ता दिख रहा है।

गाजा में तबाही का मंजर

सोमवार, 24 अगस्त 2026 को गाजा पट्टी के कई इलाकों में इजरायली हवाई हमलों और टैंकों ने कहर बरपाया। इस कार्रवाई में कम से कम 4 लोगों की जान चली गई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे। ये हमले ऐसे समय में हुए जब इजरायली सेना ने बरेइज शरणार्थी शिविर, शाती शरणार्थी शिविर और देइर अल-बालह जैसे इलाकों से लोगों को तुरंत निकलने के आदेश दिए थे।

मासूमों की बलि

बरेइज शरणार्थी शिविर में एक इमारत पर उस वक्त हमला किया गया जब लोग नए निकासी आदेशों के बाद भागने की कोशिश कर रहे थे। अस्पताल के सूत्रों ने पुष्टि की कि मरने वालों में 4 साल का एक बच्चा भी था। खान यूनिस के पास एक अलग घटना में, स्थानीय अस्पतालों की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली टैंक के गोले से 10 साल की एक बच्ची की मौत हो गई। इजरायली सेना ने इस विशेष टैंक घटना के बारे में तत्काल जानकारी न होने की बात कही है, लेकिन उनका कहना है कि शाती और देइर अल-बालह में हुई कार्रवाई का निशाना हमास के हथियार डिपो थे, जिन्हें कथित तौर पर मस्जिदों के अंदर छिपाया गया था। हालांकि, इन दावों का कोई तत्काल सबूत पेश नहीं किया गया।

अमेरिकी शांति प्रयास भी नाकाम?

यह ताजा सैन्य गतिविधि अमेरिका के एक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बाद हुई है, जिसमें वार्ताकार जारेड कुशनर भी शामिल थे। उन्होंने करीब एक हफ्ते पहले ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। खबरों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान अमेरिका ने इजराइल से गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई की तीव्रता कम करने का आग्रह किया था। लेकिन इन वार्ताओं के बावजूद, नागरिकों की मौतें और विस्थापन जारी हैं, जो इस क्षेत्र की अस्थिरता को उजागर करता है।

वैश्विक बाजारों पर असर

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता तेल की कीमतों, सप्लाई चेन की सुरक्षा और वैश्विक बाजारों में निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। मौजूदा हालात बताते हैं कि सैन्य अभियानों में कमी लाने के प्रयास अभी तक स्थायी शांति स्थापित करने में कामयाब नहीं हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.