एक अज्ञात इजरायली सैनिक ने Hind Rajab Foundation द्वारा वॉर क्राइम्स (युद्ध अपराधों) के आरोपों के बाद भारत छोड़ दिया है। साल 2026 में यह दूसरी बार है जब किसी इजरायली मिलिट्री वेटरन के खिलाफ ऐसी शिकायत दर्ज हुई है।
ब्रसेल्स स्थित Hind Rajab Foundation की शिकायत के बाद एक इजरायली सैनिक भारत से रवाना हो गया है। संगठन का आरोप है कि यह व्यक्ति 2026 की शुरुआत में गाजा क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने में शामिल था। हालांकि सैनिक के जाने का सटीक समय और कानूनी प्रक्रिया के बीच का संबंध स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मामला वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और पर्यटन के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करता है।
इस साल दूसरी बार ऐसा मामला
यह इस साल भारत में सामने आई अपनी तरह की दूसरी घटना है। जून 2026 में, हिमाचल प्रदेश में Eitan Gilboa नाम के एक इजरायली रिजर्व सैनिक को लेकर ऐसी ही स्थिति बनी थी। उस समय भी गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्ति ने देश छोड़ दिया था। ये मामले अक्सर 'हम्मस ट्रेल' (Hummus Trail) के इर्द-गिर्द केंद्रित होते हैं, जो अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद इजरायली युवाओं द्वारा यात्रा के लिए चुना गया एक सामान्य सर्किट है।
क्या है फाउण्डेशन का दावा?
Hind Rajab Foundation का कहना है कि वह अपने आरोपों को साबित करने के लिए ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करती है। समूह ने ब्राजील, इटली और पुर्तगाल जैसे अन्य देशों में भी इसी तरह की कानूनी कार्रवाई की है। सक्रिय समूह पूर्व सैन्य कर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखकर उन्हें पारंपरिक कानूनी चैनलों के दायरे से बाहर जवाबदेह ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।
अभी तक, भारतीय सरकारी अधिकारियों ने इन शिकायतों के तथ्यों पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं सुनाया है। इजरायल और भारत के बीच पर्यटन और द्विपक्षीय सहयोग पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव अभी अनिश्चित है।
