9 सितंबर, 2026 को Israel ने स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना में अपने पहले दूतावास का उद्घाटन किया है। PM Janez Janša के इस फैसले ने पुरानी नीतियों को पूरी तरह पलट दिया है, जिससे देश की राजनीति में भूचाल आ गया है।
कूटनीतिक बदलाव और विरोध
इस उद्घाटन समारोह में Israeli विदेश मंत्री Gideon Sa'ar और उनके स्लोवेनियाई समकक्ष Tone Kajzer ने हिस्सा लिया। अब तक इन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध वियना स्थित दूतावास के जरिए मैनेज किए जाते थे।
यह कदम प्रधानमंत्री Janez Janša की सरकार का एक बड़ा 'पॉलिसी पिवट' है। जून में सत्ता संभालने के बाद से ही Janša सरकार पिछली सरकार के फैसलों को बदलने में जुटी है। पिछली सरकार ने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के साथ ही Israel पर आर्म्स एम्बार्गो और कुछ अधिकारियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा था।
राजनीतिक संकट के बादल
PM Janez Janša का कहना है कि यह बदलाव राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी है, लेकिन जनता और विपक्ष इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर है। उद्घाटन के दिन ही ल्युब्ल्याना में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी 'Freedom Movement' ने संसद में प्रधानमंत्री के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश कर दिया है। विपक्ष का तर्क है कि Middle East नीति में यह अचानक बदलाव अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहमति के खिलाफ है और इससे स्लोवेनिया की वैश्विक साख पर असर पड़ेगा। अब देखना यह है कि क्या Janša सरकार इस राजनीतिक तनाव को झेल पाएगी या यूरोपीय संघ (EU) के मंचों पर स्लोवेनिया के वोटिंग रुख में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
