इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट की चिंता बढ़ा दी है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चर्चा के बाद, भारतीय निवेशकों के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई का बड़ा रिस्क पैदा हो गया है।
इजरायल ने ईरान के साथ संभावित टकराव को लेकर अपनी सैन्य तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया बातचीत के बाद, क्षेत्रीय तनाव नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। दोनों ही देशों के आक्रामक तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश अब बहुत कम होती जा रही है।\n\nतेहरान ने भी साफ कर दिया है कि उसका सैन्य नेतृत्व अब किसी भी लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। इस तनाव के बीच भारतीय निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) है। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल की सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से होती है, और किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि सीधे तौर पर Brent Crude की कीमतों को आसमान पर पहुंचा सकती है।\n\n### भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?\nभारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। यदि ग्लोबल मार्केट में Crude Oil की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय रुपये की वैल्यू और देश में महंगाई पर पड़ सकता है। लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन जैसे सेक्टर पर इसका दबाव साफ देखा जा सकता है।\n\nबाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखें, क्योंकि अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनाव भी इस दौरान अमेरिकी विदेश नीति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल, कतर में कूटनीतिक कोशिशें जारी जरूर हैं, लेकिन मार्केट की नजरें अब सीधे सैन्य तनाव की खबरों और ब्रेंट क्रूड के मूवमेंट पर टिकी हुई हैं।
