गाजा पट्टी पर 23 किमी की नई दीवार बना रहा है इजरायल, शांति वार्ताएं ठप

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AuthorMehul Desai|Published at:
गाजा पट्टी पर 23 किमी की नई दीवार बना रहा है इजरायल, शांति वार्ताएं ठप

इजरायल गाजा पट्टी पर तेजी से 23 किलोमीटर लंबी मिट्टी की दीवार बना रहा है। इसका मकसद अपनी सीमाओं और सैन्य ठिकानों को सुरक्षित करना है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चल रहा है कि इस निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को विस्थापित होना पड़ रहा है और स्थायी क्षेत्रीय विभाजन की अंतरराष्ट्रीय चिंताएं भी बढ़ रही हैं। यह सब तब हो रहा है जब सीजफायर (Ceasefire) को लेकर बातचीत लंबे समय से अटकी हुई है, जिससे क्षेत्र का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

Detailed Coverage

गाजा में बन रही 23 किमी लंबी दीवार

इजरायल ने गाजा पट्टी पर 23 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक बड़ी मिट्टी की दीवार का निर्माण तेज कर दिया है। प्लेनेट लैब्स पीबीसी (Planet Labs PBC) द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि यह काम बहुत तेजी से हो रहा है। दक्षिणी गाजा के कुछ हिस्सों में तो सिर्फ दो सप्ताह में 2 किलोमीटर से अधिक का विस्तार हुआ है। खान यूनिस (Khan Younis) के पास से गाजा शहर की ओर जाने वाली इस दीवार को विभिन्न खुफिया और तकनीकी संपत्तियों से मजबूत किया जा रहा है। इजरायली सेना का कहना है कि ये किलेबंदी घुसपैठ को रोकने और अपने सैनिकों व पास के इलाकों को सुरक्षा देने के लिए जरूरी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर और विस्थापन

इस सुरक्षा क्षेत्र के बनने से इलाके का नक्शा काफी बदल गया है। दीवार, नई सैन्य सड़कों और ठिकानों के लिए जगह बनाने के लिए इमारतों और आवासीय क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर ध्वस्त किया गया है। सैन्य उद्देश्यों के लिए कृषि भूमि का भी उपयोग किया जा रहा है। इजरायली सेना ने कहा है कि ये सफाई अभियान उन ठिकानों को निशाना बना रहे हैं जिनका इस्तेमाल हमास (Hamas) कर रहा था। इस बीच, स्थानीय आबादी तटीय टेंट कैंपों में रहने को मजबूर है, जिन्हें मानवीय सहायता पर बहुत निर्भर रहना पड़ रहा है और उनकी आवाजाही भी सीमित है।

सुरक्षा जोखिम और मानवीय कीमत

एक अस्पष्ट सीमा रेखा, जिसे अक्सर 'येलो लाइन' कहा जाता है, खतरों का एक प्रमुख स्थान बन गई है। रिपोर्टों से पता चलता है कि इजरायली सेना ने उन लोगों पर कार्रवाई की है जो इस क्षेत्र के पास आते हैं या इसे पार करने की कोशिश करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप नागरिकों की मौत हुई है। बफर जोन (Buffer zone) की सीमाओं के बारे में स्पष्टता की कमी नागरिकों के लिए जोखिम बढ़ाती है, जिनमें से कई लोग चल रहे निर्माण और सैन्य अभियानों के कारण अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं।

कूटनीतिक गतिरोध और क्षेत्रीय संघर्ष

यह दीवार का विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब सीजफायर (Ceasefire) की बातचीत अटकी हुई है। हालांकि शुरुआती समझौतों में इजरायली सैनिकों की गाजा के बाहरी इलाकों से वापसी और एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती का प्रावधान था, लेकिन ये योजनाएं महीनों से लागू नहीं हो पाई हैं। हमास के निरस्त्रीकरण को लेकर असहमति और दोनों पक्षों द्वारा संघर्ष विराम के कथित उल्लंघन इस कूटनीतिक गतिरोध के कारण हैं।

हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को किए गए हमलों के बाद से शुरू हुआ यह संघर्ष, बड़े पैमाने पर जान-माल का कारण बना है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। जैसे-जैसे दीवार का निर्माण सैन्य हमलों के साथ जारी है, दीर्घकालिक क्षेत्रीय अलगाव की संभावना अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। अगला महत्वपूर्ण विकास इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ मौजूदा गतिरोध को दूर करके एक स्थिर सीजफायर (Ceasefire) स्थापित कर पाते हैं और इन क्षेत्रों के भविष्य के शासन का निर्धारण कर पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.