संयुक्त राष्ट्र (UN) में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने एक ईरानी राजनयिक को Starlink रिसीवर देने की कोशिश की। इस घटना ने भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।
न्यूयोर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान एक असामान्य कूटनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने ईरानी प्रतिनिधि नासिर असदी को एक Starlink सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनल देने का प्रयास किया। डैनन का तर्क था कि यह डिवाइस ईरानी जनता को सरकार द्वारा लगाए गए इंटरनेट सेंसरशिप को दरकिनार करने में मदद करेगी। हालांकि, ईरानी राजनयिक ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
यह वाकया इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस भाषण के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने मंच से ही Starlink यूनिट का प्रदर्शन किया था। नेतन्याहू ने इसे ईरानियों के लिए वैश्विक स्तर पर संवाद का एक महत्वपूर्ण साधन बताया।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
मिडिल ईस्ट दुनिया में तेल उत्पादन का केंद्र है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव ऐतिहासिक रूप से क्रूड ऑयल बाजार में भारी अस्थिरता पैदा करता रहा है। यदि यह कूटनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इससे सप्लाई पर असर पड़ सकता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि तेल की कीमतों में 1% की वृद्धि भी हमारे ट्रेड बैलेंस पर असर डालती है।
केवल तेल ही नहीं, बल्कि बढ़ती अस्थिरता शिपिंग बीमा प्रीमियम और लॉजिस्टिक्स लागत को भी प्रभावित कर सकती है। ग्लोबल मार्केट पर नजर रखने वाले निवेशक इन घटनाओं को मैक्रो-रिस्क के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि क्षेत्र में कोई भी बड़ा बदलाव इमर्जिंग मार्केट की इक्विटीज के लिए अस्थिरता का कारण बन सकता है।
