इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की **27 सितंबर** को होने वाली प्रस्तावित रैली के मद्देनजर प्रशासन ने अगले **2 महीने** के लिए सार्वजनिक सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस्लामाबाद प्रशासन ने 'कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर' की धारा 144 लागू करते हुए राजधानी में 5 या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। यह आदेश 18 सितंबर को जारी किया गया, जो मुख्य सार्वजनिक स्थानों और अति-सुरक्षित 'रेड जोन' पर भी लागू होगा।
क्यों हो रहा है यह विरोध?
यह प्रशासनिक कदम 27 सितंबर को होने वाली PTI की रैली को रोकने के लिए उठाया गया है। पार्टी अपने संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग कर रही है, जो 2023 से हिरासत में हैं। प्रदर्शनकारी न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संवैधानिक मुद्दों पर भी अपना विरोध दर्ज कराना चाहते हैं।
इंटरनेट और सुरक्षा पर असर
तनाव के माहौल को देखते हुए पंजाब प्रांत में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली जैसे शहरों में अर्धसैनिक बलों (Rangers) को तैनात करने की मांग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को राजधानी की ओर आने से रोका जा सके। प्रशासन इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर भी अस्थायी पाबंदी लगाने पर विचार कर रहा है, ताकि प्रदर्शन का समन्वय न हो सके। हालांकि, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने आवागमन के मुख्य रास्तों को खुला रखने के निर्देश दिए हैं, लेकिन क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
