इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan और उनकी पत्नी Bushra Bibi को Adiala Jail में दी जा रही सोलिटरी कन्फाइनमेंट (एकांत कारावास) को खत्म करने का आदेश दिया है।
कोर्ट का सख्त निर्देश
मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) ने Adiala Jail प्रशासन को एक बड़ा निर्देश जारी किया। जस्टिस खादिम हुसैन सोमरो ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan और उनकी पत्नी Bushra Bibi को जेल में अलग-थलग (सोलिटरी कन्फाइनमेंट) रखने की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
कैदियों को मिलेंगे ये अधिकार
अदालत ने जेल प्रशासन को साफ कर दिया है कि दोनों को जेल के नियमों के अनुसार मानक अधिकार दिए जाएं। इसमें शामिल हैं:
- न्यूजपेपर और किताबें: अब उन्हें रोजाना पढ़ने के लिए अखबार और किताबें मिलेंगी।
- मेडिकल केयर: बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करानी होंगी।
- परिवार से मुलाकात: जेल नियमावली के तहत परिवार के साथ नियमित मुलाकात और बच्चों से फोन पर बात करने की सुविधा दी गई है।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया, तो फोन की सुविधा वापस ली जा सकती है। जेल अधीक्षक को 15 दिनों के भीतर अदालत में अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) जमा करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
यह आदेश Aleema Khanum और Mubashra Khawar Maneka द्वारा दायर याचिकाओं पर आया है। हालांकि, Imran Khan से जुड़ी कानूनी लड़ाई अभी थमी नहीं है। अब सबकी नजरें 16 सितंबर 2026 पर हैं, जब सुप्रीम कोर्ट की 3 सदस्यीय बेंच अवमानना मामले की सुनवाई करेगी।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
पाकिस्तान में जारी इस राजनीतिक और कानूनी उठापटक का सीधा असर भारतीय बाजारों (NSE या BSE) पर भले ही न हो, लेकिन दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने के लिए पड़ोसी मुल्कों की यह 'पॉलिटिकल फ्रिक्शन' एक अहम फैक्टर बनी रहती है। जो निवेशक क्षेत्रीय बाजार के सेंटीमेंट पर नजर रखते हैं, उनके लिए अदालती फैसलों और सरकार के क्रियान्वयन का यह टकराव ट्रैक करना जरूरी है।
