सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले के तार इराक से जुड़ने के बाद बगदाद ने बड़ी कार्रवाई की है। इराक ने मेसन प्रांत के सैन्य कमांडर को बर्खास्त कर दिया है, जिसके चलते क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है और ब्रेंट क्रूड **$105** प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
सऊदी अरब की रणनीतिक ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले की जांच के बाद इराक सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि हमला मेसन प्रांत के पास स्थित इलाकों से किया गया था, जो ईरान की सीमा के काफी करीब हैं। हालांकि सऊदी अरब ने फिलहाल सैन्य जवाबी कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक रास्ता चुना है, लेकिन इस घटना ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता पैदा कर दी है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
इस हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स उछलकर $110 के स्तर तक पहुंच गए थे, जो अब फिलहाल स्थिर होकर $105 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में सप्लाई रूट की सुरक्षा को लेकर निवेशकों के बीच डर का माहौल है, जो ग्लोबल क्रूड सप्लाई चेन के लिए काफी संवेदनशील है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। गल्फ देशों से सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा या क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत के इंपोर्ट बिल पर पड़ता है, जिससे देश में महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट का दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, समुद्री जहाजों के इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी से भी कमोडिटी की लागत बढ़ सकती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इराक ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। ईरान के साथ लगे शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। फिलहाल, इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है, लेकिन यमन में जारी तनाव और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) जैसी जगहों पर बढ़ती हलचल ने वैश्विक शिपिंग के लिए चुनौती बढ़ा दी है।
