ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। यह तेजी **5 हफ्ते** के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे एनर्जी सप्लाई की स्थिरता पर चिंता बढ़ गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया भर में तेल की आवाजाही के लिए एक प्रमुख धमनी (artery) है, वहां बढ़ता सैन्य तनाव अब फाइनेंशियल मार्केट के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है। निवेशक इस स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं क्योंकि किसी भी बड़ी बाधा का सीधा असर एनर्जी सप्लाई पर पड़ सकता है।
तनाव की नई वजह
तनाव की हालिया लहर एक डिजिटल प्रोवोकेशन के बाद शुरू हुई। सिएरा लियोन में स्थित ईरानी दूतावास ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें 'माइनस्वीपर' गेम का मजाक उड़ाया गया। यह वीडियो अमेरिका के उन नेवल ऑपरेशंस को निशाना बनाकर बनाया गया था, जो समुद्र में बिछाई गई माइन्स को हटाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही, अमेरिका ने लराक आइलैंड (Larak Island) पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर स्ट्राइक की, जिसे वाशिंगटन ने कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया था।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि मई 2026 में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' औपचारिक रूप से समाप्त हो गया था, लेकिन दोनों देशों के बीच छिटपुट संघर्ष जारी है। जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले और टैंकर्स को निशाना बनाने की घटनाओं ने 2026 की शुरुआत से ही इस रूट पर कमर्शियल ट्रांजिट को काफी कम कर दिया है।
बिजनेस पर असर
इस अस्थिरता के चलते ग्लोबल शिपिंग कंपनियों के सामने 'वॉर-रिस्क इंश्योरेंस' का प्रीमियम बढ़ने और जहाजों को लंबा रास्ता लेने की चुनौती खड़ी हो गई है। एनर्जी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर के इनपुट कॉस्ट को बढ़ा सकता है, जो आगे चलकर महंगाई को और हवा दे सकता है। आने वाले दिनों में ऑयल प्राइसेज, मैरीटाइम सिक्योरिटी और इंश्योरेंस कॉस्ट पर आने वाले अपडेट्स ही बाजार की दिशा तय करेंगे।
