ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने वाले एक खास हमले ने भू-राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। इस घटना ने रातोंरात वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल खड़ा कर दिया है, जिसके प्रत्यक्ष असर अब दिखने लगे हैं।
ऊर्जा बाजारों में बढ़ी टेंशन
इस हमले के बाद ऊर्जा बाजारों में अचानक बड़े जोखिम का एहसास बढ़ गया है। क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं, ब्रेंट क्रूड सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल और LNG की आपूर्ति बाधित होती है, जहां से दुनिया का लगभग 20% समुद्री कच्चा तेल और LNG गुजरता है, तो कीमतें $90 से $100 प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
इतिहास गवाह है कि मध्य पूर्व के संघर्षों ने कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी आग लगाई है; 1979 की ईरानी क्रांति के दौरान कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा हो गई थीं। ऊर्जा की बढ़ती लागत सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टेशन और उत्पादन खर्चों को बढ़ाती है, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं। यहां तक कि छोटे क्षेत्रीय संघर्षों ने भी इतिहास में कुछ ही दिनों के भीतर तेल की कीमतों में 10-15% की तेजी ला दी है।
डिफेंस सेक्टर में लौटी उम्मीद
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते एयरोस्पेस और डिफेंस शेयरों में भी साफ तौर पर दिलचस्पी बढ़ी है। हाल के दिनों में कुछ कंपनियों जैसे BEL के शेयरों में तेजी देखी गई है, हालांकि, HAL और BDL जैसे कुछ बड़े खिलाड़ियों के शेयरों में शुरुआती गिरावट भी आई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि भू-राजनीतिक घटनाओं से आने वाली तेजी अस्थायी हो सकती है। इन शेयरों में टिकाऊ मजबूती तभी आएगी जब उम्मीदों के मुताबिक ऑर्डर्स और खरीद का सिलसिला वास्तव में शुरू होगा।
सुरक्षित निवेश की ओर दौड़े निवेशक
बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए निवेशक पारंपरिक सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) की ओर रुख कर रहे हैं। सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं, स्पॉट गोल्ड $5,004 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। दुनिया भर में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (risk aversion) के दौरान अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है।
यह 'सुरक्षित निवेश की ओर दौड़' एल्गोरिथम ट्रेडिंग (algorithmic trading) सिस्टम के कारण और तेज हो गई है, जो मिलीसेकंड में भू-राजनीतिक खबरों को प्रोसेस करके तुरंत जोखिम मॉडल को एडजस्ट करते हैं और बिक्री के ऑर्डर देते हैं। इससे बाजार में तेज और अचानक हलचल देखने को मिलती है। VIX इंडेक्स, जिसे बाजार के डर का पैमाना माना जाता है, के और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि ये एल्गोरिथम सिस्टम बढ़ी हुई अनिश्चितता का हिसाब लगा रहे हैं। पिछली भू-राजनीतिक घटनाओं की शुरुआत में इक्विटी बाजारों में औसतन 1.1% की एक-दिवसीय गिरावट देखी गई थी, हालांकि ऐतिहासिक रूप से वे एक साल के भीतर ठीक हो जाते हैं।
भविष्य की चुनौतियां
ईरान के नेतृत्व को खत्म करना वहां की व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन इससे देश में गहरी अस्थिरता आ गई है। सत्ता का शून्य (power vacuum) पैदा होने से गुटबाजी और क्षेत्रीय हिंसा भड़क सकती है। एक गंभीर चिंता यह भी है कि होर्मुज जलडम्मध्य में तेल आपूर्ति गंभीर रूप से बाधित होती है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति (global inflation) को बढ़ा सकता है और वैश्विक विकास दर को प्रभावित कर सकता है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि जैसे-जैसे भू-राजनीतिक स्थिति विकसित होगी, बाजार में उथल-पुथल जारी रहने की उम्मीद है। ऊर्जा क्षेत्र किसी भी नए तनाव या कूटनीतिक सफलता के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। डिफेंस शेयरों में रुचि बनी रह सकती है, जो नए रक्षा बजट और कॉन्ट्रैक्ट्स के मिलने पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखें, खासकर मध्य पूर्व में आपूर्ति में निरंतर बाधा और उसके महंगाई पर पड़ने वाले असर को लेकर। लंबे समय तक बाजार पर इसका असर ईरान में एक स्थिर राजनीतिक व्यवस्था के उभरने और क्षेत्रीय तनावों के कूटनीति के माध्यम से कम होने पर निर्भर करेगा।