ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के निधन या अक्षम होने की तमाम खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस स्पष्टीकरण ने मार्च **2026** से चली आ रही वैश्विक अनिश्चितता को कम करने की कोशिश की है, हालांकि निवेशकों के बीच भू-राजनीतिक (Geopolitical) चिंताओं के कारण क्रूड ऑयल मार्केट में अब भी हलचल बनी हुई है।
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दुनिया भर में फैल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ किया कि सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei पूरी तरह से सत्ता में हैं और संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में Ayatollah Ali Khamenei की हत्या के बाद से ही ईरान में नेतृत्व को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठ रहे थे।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और रहस्य
मार्च 2026 में पद संभालने के बाद से ही Mojtaba Khamenei सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जो कि विदेशी विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ईरानी प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम लीडर की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। राष्ट्रपति Pezeshkian का तर्क है कि देश इस वक्त एक 'इन्फॉर्मेशन वॉर' से गुजर रहा है, और ऐसे में लीडर की लोकेशन बताना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता है।
मार्केट पर असर
फाइनेंशियल मार्केट्स और एनर्जी सेक्टर के लिए यह स्थिति किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सुप्रीम लीडर की सार्वजनिक उपस्थिति नहीं होती, तब तक 'जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम' बना रहेगा। इसका सीधा असर क्रूड ऑयल प्राइसेज पर पड़ रहा है, क्योंकि मिडिल ईस्ट की अस्थिरता और सप्लाई चेन में किसी भी व्यवधान की आशंका निवेशकों में डर पैदा कर रही है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में सत्ता की यह कार्यप्रणाली कितनी स्थिर रहती है।
