Defence Sector: ASEAN के साथ भारत की सुरक्षा साझेदारी से Defence स्टॉक्स में बढ़ेगी चमक?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Defence Sector: ASEAN के साथ भारत की सुरक्षा साझेदारी से Defence स्टॉक्स में बढ़ेगी चमक?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ADMM-Plus मीटिंग में ASEAN देशों को भारत की काउंटर-टेररिज्म और मैरीटाइम सुरक्षा विशेषज्ञता का प्रस्ताव दिया है। निवेशकों के लिए यह कूटनीतिक कदम भविष्य में डिफेंस एक्सपोर्ट के बड़े मौके और भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजारों के द्वार खोल सकता है।

फिलीपींस में आयोजित ASEAN Defence Ministers’ Meeting Plus (ADMM-Plus) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की ओर से क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का बड़ा दांव चला है। मंत्री ने साफ किया कि भारत संयुक्त सैन्य अभ्यास, इंटेलिजेंस शेयरिंग और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के जरिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाने को तैयार है।\n\n### डिफेंस कंपनियों के लिए क्या है मौका?\nभारत सरकार का लक्ष्य डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ाना है। ASEAN देशों के साथ सुरक्षा संबंधों का गहरा होना HAL, BEL, Mazagon Dock और Cochin Shipyard जैसी बड़ी कंपनियों के लिए भविष्य में बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स का रास्ता साफ कर सकता है। इन कंपनियों के पास पेट्रोल वेसल्स और सर्विलांस सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीक मौजूद है, जिसकी मांग क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए बढ़ सकती है।\n\n### निवेशकों के लिए सावधानी\nहालांकि यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत की तरह दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को यह समझना होगा कि सरकारी स्तर के डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स (G2G) में लंबा समय लगता है। इनमें जियो-पॉलिटिकल जोखिम और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है।\n\nआने वाले समय में, निवेशकों को केवल भाषणों पर ध्यान देने के बजाय, असल में जमीन पर उतरने वाले एक्सपोर्ट एग्रीमेंट्स और कंपनियों के ऑर्डर बुक (Order Book) पर नजर रखनी चाहिए। लंबी अवधि के नजरिए से यह सेक्टर उन निवेशकों के लिए मददगार हो सकता है जो धैर्य के साथ भारत की 'मेक इन इंडिया' डिफेंस पॉलिसी की प्रगति को ट्रैक कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.