सुरक्षा कारणों से Akasa Air, IndiGo और Air India ने सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानों को नवंबर के मध्य तक बढ़ा दिया है। वहीं, G20 फोरम में एस. जयशंकर ने ग्लोबल सप्लाई चेन और एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बड़े खतरों की चेतावनी दी है।
एयरलाइंस पर बढ़ता दबाव
खाड़ी देशों में बढ़ते सुरक्षा तनाव का सीधा असर भारतीय विमानन कंपनियों पर पड़ रहा है। Air India, Air India Express, IndiGo और Akasa Air ने जेद्दा, रियाद, दम्मम और मदीना जाने वाली अपनी फ्लाइट्स को नवंबर 2026 के मध्य तक के लिए रोक दिया है। यह रूट बिजनेस ट्रैवल, माइग्रेशन और धार्मिक पर्यटन के लिए बेहद अहम है, इसलिए इस निलंबन से इन कंपनियों के रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ सकता है।
ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बड़ा रिस्क
अटलांटा में G20 फॉरेन मिनिस्टर्स की मीटिंग के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और वेस्ट एशिया के बीच जारी संघर्ष के कारण सप्लाई चेन का 'हथियारीकरण' हो रहा है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में एनर्जी के दाम और शिपिंग की लागत बढ़ सकती है। जो कंपनियां इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर निर्भर हैं या जिनकी मैन्युफैक्चरिंग एनर्जी-इंटेंसिव है, उनके मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
कूटनीतिक मोर्चे पर तैयारी
सरकार इस अनिश्चितता से निपटने के लिए सक्रिय है। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल वियतनाम पहुंचे हैं ताकि रक्षा और रणनीतिक संबंधों को मजबूत किया जा सके। यह कदम भारत को क्षेत्रीय झटकों से बचाने की एक कोशिश है।
निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव
निवेशकों को अब तीन चीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए:
- एविएशन कंपनियों के नतीजों पर असर: फ्लाइट्स के निलंबन का ड्यूरेशन सीधे तौर पर तिमाही नतीजों को प्रभावित करेगा।
- क्रूड ऑयल और शिपिंग इंडेक्स: वेस्ट एशिया में अस्थिरता का असर इनपुट कॉस्ट बढ़ा सकता है।
- मैनेजमेंट की कमेंट्री: मिडिल ईस्ट में भारी एक्सपोजर रखने वाली कंपनियों के मैनेजमेंट की टिप्पणी देखना बहुत महत्वपूर्ण होगा।
