UN में भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला: 'Frankenstein State' बताकर घेरा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
UN में भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला: 'Frankenstein State' बताकर घेरा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान की आतंक-विरोधी नीतियों की धज्जियां उड़ा दी हैं। भारत ने पाकिस्तान को एक 'Frankenstein State' करार दिया है जो अपने ही पाले हुए आतंकियों पर नियंत्रण खो चुका है। यह कूटनीतिक तकरार अक्टूबर के अंत में होने वाली FATF रिव्यू से पहले हुई है, जो क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम है।

भारत ने 8 अक्टूबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। भारतीय मिशन के प्रथम सचिव राघू पुरी ने 'राइट ऑफ रिप्लाई' का उपयोग करते हुए इस्लामाबाद द्वारा आतंकी लीडर्स पर इनाम घोषित करने के दावों को महज एक दिखावा करार दिया है।

'Frankenstein State' का नैरेटिव

नई दिल्ली ने तर्क दिया है कि पाकिस्तान ने एक ऐसा आतंकी ढांचा तैयार किया है जो अब उसके खुद के नियंत्रण से बाहर हो चुका है, जिसे 'Frankenstein's monster' जैसा बताया गया है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान का चरमपंथी समूहों को दिया गया पुराना समर्थन अब उसके खुद के देश में अस्थिरता का कारण बन रहा है। भारत ने मसूद अजहर जैसे आतंकियों को अफगानिस्तान में शिफ्ट करने के पाकिस्तान के दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया है।

FATF रिव्यू और आर्थिक मायने

मार्केट एनालिस्ट और पॉलिसी मेकर्स के लिए यह समय काफी संवेदनशील है। 26 से 30 अक्टूबर, 2026 के बीच होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक पाकिस्तान के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। पाकिस्तान का पहले 'ग्रे लिस्ट' में रहना वहां के अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट प्रोफाइल और विदेशी निवेश पर बुरा असर डाल चुका है।

ग्लोबल फाइनेंशियल स्क्रूटनी सीधे तौर पर किसी भी उभरती अर्थव्यवस्था की क्रेडिट रेटिंग और करेंसी स्टेबिलिटी को प्रभावित करती है। इन्वेस्टर्स इस बैठक पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि FATF के कड़े फैसलों का सीधा असर दक्षिण एशिया के ट्रेड रिलेशंस और आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.