SCO Meeting: पाकिस्तान के दौरे पर भारत के वरिष्ठ अधिकारी, क्या सुधरेंगे कूटनीतिक हालात?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SCO Meeting: पाकिस्तान के दौरे पर भारत के वरिष्ठ अधिकारी, क्या सुधरेंगे कूटनीतिक हालात?

विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी आलोक अमिताभ डिमरी SCO मीटिंग के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं। मई 2025 में हुए मिलिट्री स्टैंडऑफ के बाद यह भारत की ओर से पाकिस्तान का पहला हाई-लेवल दौरा है। हालांकि, यह यात्रा सिर्फ बहुपक्षीय SCO एजेंडे तक सीमित है।

विदेश मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी और भारत के SCO नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक अमिताभ डिमरी इस समय इस्लामाबाद में 'काउंसिल ऑफ नेशनल कोऑर्डिनेटर्स' की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। 28 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 तक चलने वाली इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के प्रशासनिक कार्यों को निपटाना और पाकिस्तान की 2026-27 की चेयरमैनशिप के लिए रूपरेखा तैयार करना है।

कूटनीतिक हलचल और मार्केट पर असर

मई 2025 में पहलगाम घटना के बाद पैदा हुए मिलिट्री तनाव ने उस दौरान बाजार के सेंटीमेंट पर खासा दबाव डाला था। इसी वजह से दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच किसी भी उच्च-स्तरीय संवाद को क्षेत्रीय स्थिरता के नजरिए से काफी बारीकी से देखा जा रहा है।

भारत का स्पष्ट स्टैंड

नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि यह दौरा पूरी तरह से फंक्शनल है और केवल SCO फ्रेमवर्क तक सीमित है। भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच किसी भी द्विपक्षीय चर्चा की कोई योजना नहीं है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच के मुख्य राजनीतिक मतभेद फिलहाल बरकरार हैं।

जियोपॉलिटिकल स्टेबिलिटी का महत्व

इमर्जिंग मार्केट्स में जियोपॉलिटिकल स्टेबिलिटी निवेश का एक बड़ा पैमाना होती है। बहुपक्षीय मंचों पर संवाद बने रहने से जोखिम प्रबंधन में मदद मिलती है। अब सबकी नजरें पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाले SCO 'हेड्स ऑफ स्टेट समिट' पर हैं। इस आयोजन में भारत का प्रतिनिधित्व किस स्तर का होगा, यह भविष्य के कूटनीतिक रिश्तों और क्षेत्रीय सुरक्षा की दिशा तय करने में एक बड़ा संकेत साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.