विदेश मंत्री S. Jaishankar ने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में बड़े बदलाव की मांग की है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के परमाणु बयानों पर करारा प्रहार करते हुए अपनी संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख दिखाया है।
UN सुधारों पर भारत की हुंकार
इथियोपिया के अदीस अबाबा से विदेश मंत्री S. Jaishankar ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा ग्लोबल गवर्नेंस का ढांचा आधुनिक जियोपॉलिटिकल और आर्थिक वास्तविकताओं से कोसों दूर है। उन्होंने जोर दिया कि भारत और अफ्रीकी महाद्वीप को अहम फैसले लेने वाली प्रक्रियाओं में नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है, क्योंकि इनकी वैश्विक भूमिका लगातार बढ़ रही है।
निवेशकों और बाजार के लिहाज से देखें तो यह कूटनीतिक बदलाव लंबी अवधि में देश के प्रभाव और व्यापारिक नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की मजबूत स्थिति सीधे तौर पर देश की साख और फॉरेन इन्वेस्टमेंट सेंटीमेंट पर असर डालती है।
पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब
UN जनरल असेंबली की फर्स्ट कमिटी में उस समय तनाव बढ़ गया जब भारतीय राजनयिक Anmol Sher Singh Bedi ने पाकिस्तान के बयानों का 'राइट ऑफ रिप्लाई' में कड़ा जवाब दिया। भारत ने पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियारों का जिक्र करने को कूटनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन और खतरनाक बयानबाजी करार दिया है।
भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह की परमाणु धमकी या दबाव में नहीं आने वाला। साथ ही, Jammu and Kashmir को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि इस पर किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह घटना दक्षिण एशिया में चल रही सुरक्षा चुनौतियों और जियोपॉलिटिकल रिस्क के प्रति भारत की सख्त विदेश नीति को दर्शाती है।
