UN Arms Control Resolution: भारत और इजरायल ने UN में दिखाई एकजुटता, हथियारों के प्रस्ताव के खिलाफ किया मतदान

WORLD-AFFAIRS
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
UN Arms Control Resolution: भारत और इजरायल ने UN में दिखाई एकजुटता, हथियारों के प्रस्ताव के खिलाफ किया मतदान

संयुक्त राष्ट्र (UN) में हथियारों पर नियंत्रण से जुड़े एक प्रस्ताव पर पाकिस्तान और बेलारूस के खिलाफ भारत और इजरायल ने अपना रुख साफ कर दिया है। नई दिल्ली ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सुरक्षा खतरे वैश्विक हैं और क्षेत्रीय सीमाएं आज की रक्षा जरूरतों को पूरा नहीं करतीं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति में एक दुर्लभ राजनयिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां पाकिस्तान और बेलारूस द्वारा लाए गए हथियारों के नियंत्रण संबंधी प्रस्ताव के खिलाफ भारत और इजरायल ने अकेले मोर्चा संभाला। इस प्रस्ताव को 180 देशों का समर्थन मिला, लेकिन नई दिल्ली और जेरूसलम ने इसके खिलाफ मतदान कर कड़ा संदेश दिया।

नई दिल्ली का कड़ा रुख

भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी, अनमोल शेर बेदी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में सुरक्षा खतरे वैश्विक हैं और इन्हें क्षेत्रीय या उप-क्षेत्रीय सीमाओं में बांधकर नहीं देखा जा सकता। भारत ने UN निरस्त्रीकरण आयोग के भीतर पुरानी चर्चाओं को फिर से शुरू करने के प्रयास की भी आलोचना की और इसे प्रगति के लिए व्यर्थ बताया।

'आत्मनिर्भर भारत' और निवेशकों के लिए संकेत

निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए यह कदम भारत की रक्षा नीति में 'सामरिक स्वायत्तता' (Strategic Autonomy) के महत्व को दर्शाता है। सरकार का मुख्य जोर 'आत्मनिर्भर भारत' मुहिम पर है, जिसका लक्ष्य विदेशी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता कम करना है। इस प्रस्ताव को खारिज करके, भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी रक्षा क्षमताओं पर किसी भी बाहरी अंतरराष्ट्रीय ढांचे या कृत्रिम सीमाओं को स्वीकार नहीं करेगा।

रक्षा क्षेत्र पर असर

भारत और इजरायल के बीच ऐतिहासिक रूप से मजबूत रक्षा संबंध रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में यह साझा स्टैंड दोनों देशों के सुरक्षा दृष्टिकोण की समानता को दिखाता है। घरेलू रक्षा उद्योग के लिए, यह एक बड़ा संकेत है कि सरकार अपनी रक्षा जरूरतों और स्वायत्तता से समझौता नहीं करेगी। आने वाले समय में, रक्षा क्षेत्र में 'इंडिजनाइजेशन' (Indigenization) के प्रोजेक्ट्स और सरकार की स्वतंत्र रक्षा नीति ही इस उद्योग की ग्रोथ को दिशा देगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.