भारत ने पाकिस्तान के नेशनल हेरिटेज और कल्चर मिनिस्टर को नई दिल्ली में होने वाले SCO सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम के लिए आमंत्रित किया है। मई 2025 के बाद यह पहली बड़ी कूटनीतिक पहल है, जिसे लेकर निवेशक और बाजार के जानकार सतर्कता से नजर बनाए हुए हैं।
नई दिल्ली ने पाकिस्तान के नेशनल हेरिटेज और कल्चर मिनिस्टर औरंगजेब खान खिची को आधिकारिक आमंत्रण भेजा है। यह कार्यक्रम 20 नवंबर से 22 नवंबर, 2026 के बीच नई दिल्ली में आयोजित होगा। मई 2025 में पहलगाम सुरक्षा घटनाक्रम के बाद शुरू हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से यह पाकिस्तान के साथ पहला औपचारिक संवाद है।
SCO के प्रति प्रतिबद्धता
यह आमंत्रण मुख्य रूप से भारत की 10 देशों वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के प्रति जिम्मेदारियों का हिस्सा है। इस फोरम का उद्देश्य यूरेशियन ब्लॉक में सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले महीने दुशांबे में आयोजित SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक में इस कार्यक्रम की मेजबानी की घोषणा की थी।
सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता
निवेशकों के लिए इस तरह की कूटनीतिक घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता का पैमाना होती हैं। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताएं अटल हैं। दुशांबे शिखर सम्मेलन में भारतीय नेतृत्व ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने और टेरर फाइनेंसिंग नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया था। सरकार का मानना है कि आर्थिक और सांस्कृतिक एकीकरण के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा पहली शर्त है।
भविष्य की संभावनाएं
यदि पाकिस्तानी मंत्री इस न्योते को स्वीकार करते हैं, तो यह 2023 के बाद से किसी पाकिस्तानी उच्च अधिकारी की पहली भारत यात्रा होगी। फिलहाल पाकिस्तान के पास 2026-27 के लिए SCO की रोटेटिंग चेयरमैनशिप है। बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि व्यापारिक सहयोग में कोई भी बड़ी प्रगति सुरक्षा संबंधों में सुधार पर टिकी है, जिसे लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
