वैश्विक शासन में सुधार पर जोर
दिल्ली में हो रही इस बैठक का मुख्य एजेंडा वैश्विक स्तर पर मौजूदा शासन प्रणाली को नया रूप देना है। मंत्री विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे, और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तथा राजनीतिक प्रणालियों को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने के तरीकों पर मंथन करेंगे। इसका लक्ष्य बहुपक्षीय संस्थानों को मजबूत करना और एक अधिक निष्पक्ष वैश्विक व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
'BRICS@20': लचीलापन, नवाचार और सहयोग
बैठक का दूसरा दिन 'BRICS@20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' (BRICS@20: Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) नामक एक सत्र के लिए समर्पित होगा। इस सत्र में BRICS देशों की अब तक की उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में सहयोग की दिशा तय की जाएगी। विशेष रूप से नवाचार (innovation) और सतत विकास (sustainable development) पर जोर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और कूटनीतिक संबंध
मुख्य चर्चाओं के अलावा, विभिन्न देशों के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं। यह उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान के अवसर प्रदान करेगा और भारत के कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। यह बैठक सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) के मौके पर हुई एक प्रारंभिक बैठक के बाद हो रही है।
