United Nations पर गहराया आर्थिक संकट: भारी बकाए के चलते India ने जताई चिंता

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
United Nations पर गहराया आर्थिक संकट: भारी बकाए के चलते India ने जताई चिंता

United Nations में फंड की भारी किल्लत है। सदस्य देशों द्वारा बकाया न चुकाने के कारण संस्था का लिक्विडिटी क्राइसिस गहरा गया है। हालांकि, India ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए **$35.18 मिलियन** का भुगतान किया है।

बिगड़ता आर्थिक गणित

United Nations की वित्तीय हालत चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, रेगुलर बजट का बकाया $1.46 अरब पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस कुल बकाए का 90% हिस्सा सिर्फ एक सदस्य देश पर है, जिससे पूरी संस्था की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी दांव पर लगी है।

पीसकीपिंग मिशनों पर संकट

केवल रेगुलर बजट ही नहीं, बल्कि पीसकीपिंग मिशनों के लिए भी फंड की भारी कमी है। पीसकीपिंग का बकाया बढ़कर $4.1 अरब हो गया है, जो पिछले साल $3.7 अरब था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घाटे के 88% के लिए सिर्फ दो अज्ञात सदस्य देश जिम्मेदार हैं। फंड की इस कमी का सीधा असर संवेदनशील मिशनों के संचालन पर पड़ रहा है।

India की जिम्मेदारी

इन तमाम चुनौतियों के बीच India ने मिसाल पेश की है। भारत उन चुनिंदा 55 देशों में शामिल है, जिन्होंने समय सीमा के भीतर अपने बकाया का भुगतान किया है। फरवरी 2026 में भारत ने $35.18 मिलियन का योगदान देकर संस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अन्य बड़े देश अपना बकाया चुकाकर संस्था को इस संकट से बाहर निकालेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.