भारत और चीन के सैन्य कमांडरों ने 6-7 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश में बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए अहम बैठक की। यह बातचीत बीजिंग में हुई हाई-लेवल डिप्लोमैटिक मीटिंग के बाद LAC पर कम्युनिकेशन बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच पहली बार कोर कमांडर-लेवल की फ्लैग मीटिंग्स आयोजित की गईं। यह चर्चा 6 सितंबर 2026 को भारतीय सीमा के वाचा (Wacha) और 7 सितंबर 2026 को चीनी सीमा के दमाई (Damai) में हुई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दीमापुर स्थित 3 कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया। यह सैन्य संवाद 25 अगस्त 2026 को बीजिंग में भारत के एनएसए (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई उच्च-स्तरीय कूटनीतिक चर्चा का परिणाम है, जहां दोनों पक्ष बॉर्डर कम्युनिकेशन को मैनेज करने के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने पर सहमत हुए थे।
इस फ्लैग मीटिंग का मुख्य उद्देश्य लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखना है। फ्रंटलाइन कमांडरों के बीच नियमित और व्यवस्थित संचार स्थापित करके, दोनों देश किसी भी स्थानीय सैन्य घटना के जोखिम को कम करना चाहते हैं। यह पहल नई दिल्ली और बीजिंग के नेतृत्व द्वारा निर्धारित कूटनीतिक लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रयास है।
फिलहाल, इस घटनाक्रम का शेयर बाजार पर कोई सीधा असर नहीं है और न ही कोई एक्सचेंज फाइलिंग हुई है। हालांकि, यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन सीमा विवाद का समाधान एक जटिल और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बनी रहेगी।
