UN Map Resolution: भारत ने UN के नए मैप प्रस्ताव का किया समर्थन, पर कड़े तेवर बरकरार

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AuthorMehul Desai|Published at:
UN Map Resolution: भारत ने UN के नए मैप प्रस्ताव का किया समर्थन, पर कड़े तेवर बरकरार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के नए मैप प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसका लक्ष्य ग्लोबल मैप्स में सुधार करना है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि Jammu and Kashmir और Ladakh को लेकर भारत के आधिकारिक नक्शों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

4 सितंबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दुनिया को मैप पर दिखाने के तरीके में बदलाव करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव का मकसद पारंपरिक 'Mercator' प्रोजेक्शन की जगह, अधिक सटीक 'equal-area' प्रोजेक्शन को बढ़ावा देना है। भारत ने इसे एक संतुलित कदम मानते हुए इसका समर्थन किया है।

भारत की सख्त चेतावनी

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि भारत अपनी संप्रभुता से जुड़ी सीमाओं पर कोई ढील देगा। किसी भी डिजिटल या फिजिकल मैप में Jammu and Kashmir और Ladakh को भारत के आधिकारिक नक्शों के मुताबिक ही दिखाना अनिवार्य है। गलत चित्रण करने वाली कंपनियों पर भारत सरकार सख्त कार्रवाई कर सकती है।

टेक कंपनियों के लिए क्या हैं चुनौतियां?

यह अपडेट उन अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो भारत में डिजिटल मैप्स, सर्च और नेविगेशन सेवाएं देती हैं। इन कंपनियों को अब एक तरफ ग्लोबल स्टैंडर्ड्स और दूसरी तरफ भारतीय कानूनों (Geospatial data laws) के बीच तालमेल बिठाना होगा। यदि ये प्लेटफॉर्म अपनी ग्लोबल सेटिंग्स में भारतीय सीमाओं को सही ढंग से नहीं दिखाते, तो उन्हें कानूनी और ऑपरेशनल मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.