ICC पर मंडराया अस्तित्व का संकट! अमेरिका की घेराबंदी से हिल गई अंतरराष्ट्रीय अदालत

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AuthorMehul Desai|Published at:
ICC पर मंडराया अस्तित्व का संकट! अमेरिका की घेराबंदी से हिल गई अंतरराष्ट्रीय अदालत

International Criminal Court (ICC) इन दिनों अपने अस्तित्व के सबसे बड़े खतरे का सामना कर रही है। अमेरिका द्वारा चलाए गए कूटनीतिक अभियान के कारण **5** देशों ने कोर्ट से बाहर निकलने का फैसला किया है, जिससे इसकी वैश्विक साख और भविष्य पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

अमेरिकी कूटनीति का असर

जुलाई 2026 में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के नेतृत्व में शुरू हुए कूटनीतिक अभियान ने ICC की नींव हिला दी है। अमेरिका का स्पष्ट मानना है कि यह कोर्ट राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है। इस दबाव का सीधा असर यह हुआ है कि वेनेजुएला, चाड, बुर्किना फासो, माली और नाइजर जैसे 5 देशों ने रोम स्टैच्यूट (Rome Statute) से औपचारिक रूप से अपना नाता तोड़ लिया है।

अंदरूनी संकट और प्रतिबंध

बाहरी दबावों के अलावा, कोर्ट अंदरूनी चुनौतियों से भी जूझ रहा है। कदाचार के आरोपों के बाद पूर्व मुख्य अभियोजक करीम खान को हटाना संस्था के लिए एक बड़ा झटका रहा। स्थिति तब और बिगड़ी जब अमेरिका ने कोर्ट के शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंध लगा दिए। इनमें ICC की अध्यक्ष टोमोको अकाने और ट्रायल लॉयर अब्दुलाये सेये प्रमुख रूप से शामिल हैं।

वैश्विक कानूनी व्यवस्था पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि ICC की यह कमजोरी वैश्विक कूटनीतिक संबंधों और कानूनी ढांचे में एक बड़ा शून्य पैदा कर सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बची हुई सदस्य संख्या कोर्ट के जनादेश को बचा पाएगी, या आने वाले समय में और भी देश इस संस्था से किनारा कर लेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.