Riyadh Airport Missile Attack: हूती हमले से मची अफरा-तफरी, ग्लोबल फ्लाइट्स पर बड़ा संकट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Riyadh Airport Missile Attack: हूती हमले से मची अफरा-तफरी, ग्लोबल फ्लाइट्स पर बड़ा संकट

सऊदी अरब के King Khalid International Airport पर हूती विद्रोहियों के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद विमानन सेवाओं पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हूती चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में एयरलाइंस के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गए हैं, जिससे इंश्योरेंस प्रीमियम और ऑपरेशनल लागत बढ़ने की आशंका है।

हवाई यातायात पर लगा ब्रेक

8 अक्टूबर, 2026 को सऊदी अरब के किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले ने वैश्विक विमानन क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस हमले के बाद एयर ट्रैफिक को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा है। यह हमला हाल के दिनों में बढ़ते तनाव का परिणाम है; 6 से 7 अक्टूबर के बीच भी इसी तरह के हमलों में 3 नागरिकों की जान गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

एयरलाइंस के लिए चुनौती

हूती विद्रोही गुट ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी जारी करते हुए सऊदी एयरस्पेस से दूर रहने को कहा है, हालांकि मक्का और मदीना के ऊपर की उड़ानों को इससे बाहर रखा गया है। इस निर्देश के बाद Saudia और Turkish Airlines जैसी कंपनियों के लिए अपने रूट बदलना मजबूरी बन गया है। इस अनिश्चितता के कारण न केवल यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि कंपनियों की ऑपरेशनल लागत भी बढ़ने का डर है।

मार्केट और निवेश पर असर

सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यमन में कई ठिकानों को निशाना बनाया है। निवेशकों की चिंता यह है कि अगर यह तनाव बढ़ता है, तो एयरलाइंस और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम में भारी उछाल आ सकता है। Bab el-Mandeb Strait के पास के ये इलाके ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई के लिए बहुत अहम हैं। अगर हवाई अड्डों और समुद्री रास्तों में बाधा बनी रही, तो इसका सीधा असर सप्लाई चेन और कमोडिटी की कीमतों पर पड़ना तय है, जो मिडिल ईस्ट की इकोनॉमी के लिए बड़ा रिस्क है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.