Hezbollah के सांसद हसन फदलाल्लाह ने स्वीकार किया है कि बेका (Bekaa) क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा जब्त किए गए सैकड़ों किलो विस्फोटक उनके गुट के थे। इस खुलासे ने लेबनान में आंतरिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
Hezbollah के सांसद हसन फदलाल्लाह ने आधिकारिक तौर पर माना है कि बेका घाटी में सुरक्षा बलों द्वारा पकड़ा गया विस्फोटकों का बड़ा जखीरा उन्हीं का था। यह स्वीकारोक्ति लेबनान सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जो पहले ही अपनी सैन्य संपत्तियों पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रही है। इस घटना ने सरकारी अधिकारियों और संगठन के बीच खींचतान को और बढ़ा दिया है, जबकि देश में निशस्त्रीकरण (Disarmament) के आदेशों को लागू करने की कोशिशें जारी हैं।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर असर
यह घटना संगठन की बदलती लॉजिस्टिक्स रणनीति की ओर इशारा करती है। साल 2024 के अंत में सीरिया में असद शासन के पतन के बाद, हथियारों के पुराने सप्लाई कॉरिडोर बुरी तरह बाधित हुए हैं। अब यह समूह अपने साजो-सामान को स्थानांतरित करने के लिए आंतरिक साधनों पर अधिक निर्भर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये विस्फोटक ड्रोन प्लेटफॉर्म के लिए इस्तेमाल किए जाने थे, जो क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का एक प्रमुख हिस्सा बने हुए हैं।
कूटनीतिक गतिरोध और बाजार का जोखिम
कूटनीतिक मोर्चे पर स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ चर्चा में स्पष्ट किया है कि वे गैर-राज्य सैन्य संपत्तियों को हटाने और तस्करी कम करने पर काम कर रहे हैं। हालांकि, समाधान की राह फिलहाल बंद नजर आती है। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखी है।
निवेशकों के लिए, लेवेंट क्षेत्र में ये घटनाक्रम एक 'जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम' पैदा कर रहे हैं। इस अस्थिरता से ग्लोबल एनर्जी प्राइसेस (Global Energy Prices) में उतार-चढ़ाव आ सकता है और समुद्री व्यापार मार्गों पर असर पड़ सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इन कूटनीतिक प्रयासों पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि किसी भी प्रकार का निशस्त्रीकरण ही भविष्य में इस अनिश्चितता को कम कर सकता है।
