France Protests: बढ़ते कर्ज और महंगाई से फ्रांस में हाहाकार, क्या मार्केट पर पड़ेगा असर?

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AuthorAditya Rao|Published at:
France Protests: बढ़ते कर्ज और महंगाई से फ्रांस में हाहाकार, क्या मार्केट पर पड़ेगा असर?

फ्रांस के प्रमुख शहरों में महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे Emmanuel Macron सरकार पर दबाव बढ़ गया है। देश का कर्ज और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची उधारी की लागत निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।

पेरिस, मार्सिले और ल्योन जैसे प्रमुख शहरों में जनता का गुस्सा सड़कों पर है। प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 272 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और पुलिस के साथ झड़प की खबरें हैं। यह सब तब हो रहा है जब देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही भारी कर्ज के बोझ तले दबी है।

क्यों भड़की है जनता?

प्रदर्शनों के पीछे मुख्य वजहें बढ़ती महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतें और सरकारी मितव्ययिता (austerity) के कदम हैं। बहुत से लोग इसकी तुलना 2018 के 'येलो वेस्ट' आंदोलन से कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि भविष्य में 'पॉलिटिकल पैरालिसिस' की आहट हो सकती है।

निवेशकों की चिंता और रिस्क

मौजूदा स्थिति से विदेशी निवेशक डरे हुए हैं। फ्रांस की सरकारी उधारी की लागत (borrowing costs) पिछले 2 दशकों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है। निवेशकों को डर है कि अगर सरकार जनता के विरोध के कारण जरूरी आर्थिक सुधार नहीं कर पाई, तो देश की फिस्कल स्टेबिलिटी पर बुरा असर पड़ेगा।

आने वाले दिनों में देखना होगा कि क्या सरकार अपनी नीतियों में बदलाव करती है या कड़ा रुख अपनाती है। निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या उधारी की ये ऊंची लागतें स्थिर होती हैं या अर्थव्यवस्था को और अधिक अस्थिरता की ओर धकेलती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.