श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को **12 अक्टूबर, 2026** को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके दल के अनुसार वे फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन यह घटना ऐसे समय में हुई है जब उनके परिवार के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
श्रीलंका के 80 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को सोमवार, 12 अक्टूबर, 2026 को कोलंबो के एक अस्पताल में एडमिट किया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में उनके आईसीयू में होने की खबरें थीं, लेकिन उनके प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे मेडिकल ऑब्जर्वेशन में हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
राजपक्षे परिवार की बढ़ती मुश्किलें
यह घटना राजपक्षे परिवार के लिए चल रही बड़ी राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों के बीच हुई है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी जांच कर रही है। इसमें पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी शिरांथी और बेटे नमल राजपक्षे पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। गौरतलब है कि सांसद नमल राजपक्षे को सितंबर में हिरासत में लिया गया था, जबकि शिरांथी राजपक्षे को भी पिछले हफ्ते कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
2022 का संकट और सत्ता में बदलाव
दिसानायके सरकार 2024 में भ्रष्टाचार के खिलाफ और आर्थिक सुधारों के वादे के साथ सत्ता में आई थी। यह बदलाव 2022 के भीषण आर्थिक संकट के बाद हुआ, जिसके कारण महिंदा राजपक्षे के भाई और तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को इस्तीफा देना पड़ा था।
आर्थिक सुधारों और शासन व्यवस्था में बदलाव के इस दौर में, पूर्व सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं की स्वास्थ्य स्थिति और उन पर चल रहे कानूनी मामले श्रीलंका की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। क्षेत्रीय पर्यवेक्षक इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखे हुए हैं, जो देश के आर्थिक रिकवरी और गवर्नेंस रिफॉर्म्स के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
