नेपाल में अगस्त के अंत में आई भीषण बाढ़ के बाद से 90 अमेरिकी नागरिक लापता हैं। उनके परिवारों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को पत्र लिखकर तत्काल और उन्नत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की मांग की है।
नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता हुए 90 अमेरिकी नागरिकों के परिवारों ने अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मदद की गुहार लगाई है। 29 अगस्त को दी गई अपनी याचिका में परिजनों ने मौजूदा कांसुलर सपोर्ट पर निराशा जताई है और सरकार से बचाव कार्यों को बड़े स्तर पर शुरू करने की मांग की है।
तीर्थयात्रा के दौरान हादसा
ये सभी लापता लोग माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा पर थे। तिब्बत सीमा के पास रासुवा जिले में इनका रास्ता बाढ़ के कारण पूरी तरह बंद हो गया था। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 1,282 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता हैं। दुर्गम और पहाड़ी इलाका होने के कारण राहत दलों को वहां पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परिवारों की मुख्य मांगें
परिजनों ने बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए कई ठोस उपाय सुझाए हैं:
- उन्नत तकनीक: हाई-एल्टीट्यूड एयरक्राफ्ट और विशेष सर्च एंड रेस्क्यू टीमों की तैनाती।
- कम्युनिकेशन: दुर्गम इलाकों में संचार बहाल करने के लिए स्टारलिंक (Starlink) कनेक्टिविटी।
- सैटेलाइट इमेजिंग: लापता लोगों का पता लगाने के लिए आधुनिक सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील
चूंकि यह इलाका चीन की सीमा के पास है, इसलिए परिवार चाहते हैं कि वाशिंगटन बीजिंग के साथ कूटनीतिक बातचीत करे ताकि सीमा पार रेस्क्यू ऑपरेशन संभव हो सके। इसके अलावा, भारत, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देशों के साथ भी इंटेलिजेंस और रेस्क्यू संसाधनों को साझा करने का आग्रह किया गया है, क्योंकि इन देशों के नागरिक भी उसी टूर ग्रुप का हिस्सा थे। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी विदेश विभाग इस याचिका पर क्या कदम उठाता है।
