FBI डायरेक्टर Kash Patel ने 15 सितंबर, 2026 को सीनेट ज्यूडिशियरी कमेटी के सामने गवाही दी। एजेंसी में चल रहे नेतृत्व विवाद और कर्मचारियों की छंटनी के बीच यह सुनवाई काफी तनावपूर्ण रही, जिस पर ग्लोबल निवेशकों की भी नजर है।
15 सितंबर, 2026 को सीनेट ज्यूडिशियरी कमेटी के सामने हुई सुनवाई में अमेरिकी राजनीति की गहरी खाई साफ नजर आई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में FBI डायरेक्टर Kash Patel को एजेंसी के मैनेजमेंट, पुराने अधिकारियों की भारी छंटनी और संवेदनशील जांचों को लेकर सांसदों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा।
पार्टिसन डिवाइड (Partisan Divide)
सुनवाई के दौरान सदन दो गुटों में बंटा दिखा। रिपब्लिकन सांसदों ने Kash Patel के नेतृत्व में अपराध दर में आई कमी पर जोर दिया, जिसमें मर्डर रेट 20 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने Patel पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया और एजेंसी के आंतरिक कामकाज पर सवाल उठाए।
विवाद और कानूनी लड़ाई
बहस का एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक पूर्वाग्रह और पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump से जुड़ी जांच करने वाले एजेंट्स को नौकरी से निकालने के विवाद पर केंद्रित रहा। इसके अलावा, Patel से उनके निजी आचरण और कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी सवाल पूछे गए। इन खबरों के बीच, Patel ने The Atlantic के खिलाफ $25 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। सुनवाई के दौरान जब उनसे राष्ट्रपति चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
ग्लोबल निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि FBI कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन अमेरिकी रेगुलेटरी और राजनीतिक स्थिरता पर इसका सीधा असर पड़ता है। निवेशकों का मानना है कि नेतृत्व में अस्थिरता और कांग्रेस के साथ खींचतान से सरकारी कामकाज और कानून प्रवर्तन में अनिश्चितता पैदा हो सकती है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि सीनेट भविष्य में FBI के बजट और हायरिंग स्टैंडर्ड्स को लेकर क्या कदम उठाती है।
