एस्तोनियाई सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि की है कि Milrem Robotics की फैसिलिटी में अगस्त महीने में लगी आग के पीछे रूस का हाथ था। यह कंपनी यूक्रेन के लिए अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स बनाती है, जिससे यूरोपीय डिफेंस कंपनियों के लिए सुरक्षा का एक बड़ा खतरा खड़ा हो गया है।
क्या थी घटना?
बीते 15 अगस्त को एस्तोनिया की राजधानी तेलिन में Milrem Robotics के प्लांट में अचानक आग लग गई थी। जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तोड़फोड़ (sabotage) थी। यह प्लांट कंपनी के मशहूर THeMIS अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स के प्रोडक्शन का प्रमुख केंद्र है। ये ऑटोनॉमस सिस्टम्स फिलहाल यूक्रेन में युद्ध के मैदान में तैनात हैं, जो इसे रूस के लिए एक हाई-प्रोफाइल टारगेट बनाते हैं।
जांच में क्या निकला?
एस्तोनिया की पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए संदिग्धों का पीछा लातविया बॉर्डर तक किया। 17 और 18 अगस्त को कुल तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें अब एस्तोनिया प्रत्यर्पित (extradite) कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह हमला पूरे यूरोप में चल रही रूसी हाइब्रिड वॉरफेयर का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले कुछ समय में करीब 200 ऐसी घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं।
डिफेंस सेक्टर पर असर
साल 2023 में UAE की Edge Group द्वारा अधिग्रहित की गई Milrem Robotics के लिए यह एक बड़ा झटका है। इस घटना के बाद, यूरोप की तमाम डिफेंस कंपनियों को अब अपनी साइट सिक्योरिटी और सप्लाई चेन की सुरक्षा पर पहले से कहीं ज्यादा खर्च (Capital Expenditure) करना पड़ सकता है। निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि क्या इस तरह की घटनाएं आने वाले समय में प्रोडक्शन की टाइमलाइन्स को बाधित करेंगी। फिलहाल, एस्तोनिया की सरकार ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए राजनयिक स्तर पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
