मिस्र के अधिकारियों ने स्वतंत्र जांच प्लेटफॉर्म Matsadaash के सभी **6** पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया है। सरकार ने इन पर प्रतिबंधित संगठन 'मुस्लिम ब्रदरहुड' से जुड़े होने का आरोप लगाया है, जिससे दुनिया भर में मीडिया की आजादी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मिस्र की सुरक्षा एजेंसियों ने 2018 से सक्रिय स्वतंत्र फैक्ट-चेकिंग और इन्वेस्टिगेटिव न्यूज प्लेटफॉर्म 'Matsadaash' की पूरी एडिटोरियल टीम को हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई 28 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 के बीच काहिरा, पोर्ट सईद और घरबिया गवर्नरेट में की गई रेड्स के दौरान हुई।
सरकार के आरोप और विवाद
मिस्र के गृह मंत्रालय का दावा है कि यह न्यूज आउटलेट 'मुस्लिम ब्रदरहुड' के लिए एक मीडिया कमेटी के रूप में काम कर रहा था, जिसे 2013 में देश में प्रतिबंधित कर दिया गया था। अधिकारियों का आरोप है कि टीम गलत सूचना फैला रही थी और उसे विदेशों से फंडिंग मिल रही थी। हालांकि, न्यूज आउटलेट और मानवाधिकार संगठनों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला बताया है।
वर्तमान स्थिति और चिंताएं
2 अक्टूबर, 2026 तक की जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पत्रकारों को अभी तक कानूनी सलाह (Legal Counsel) तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई है और उनकी लोकेशन का भी खुलासा नहीं किया गया है। छापे के दौरान सुरक्षा बलों ने कंप्यूटर और मोबाइल जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया
यह मामला भले ही स्टॉक मार्केट से जुड़ा न हो, लेकिन इसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। 'Reporters Without Borders' और 'Human Rights Watch' जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इसे स्वतंत्र मीडिया के खिलाफ एक 'अभूतपूर्व कदम' करार देते हुए कड़ी निंदा की है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन पत्रकारों पर क्या औपचारिक कानूनी आरोप तय किए जाते हैं और क्या उन्हें निष्पक्ष कानूनी सहायता मिल पाती है या नहीं।
