Dhaka University Protest: जिन्ना की तस्वीर लगाने पर मचा बवाल, छात्रों का फूटा गुस्सा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Dhaka University Protest: जिन्ना की तस्वीर लगाने पर मचा बवाल, छात्रों का फूटा गुस्सा

Dhaka University में उस समय तनाव बढ़ गया जब छात्र संघ ने शेख मुजीबुर रहमान की जगह मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें लगा दीं। इस घटना के बाद छात्रों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन को जांच के आदेश देने पड़े।

ढाका यूनिवर्सिटी एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (DUCSU) ने कैंपस म्यूजियम में ऐतिहासिक प्रदर्शनों को बदल दिया। 13 सितंबर, 2026 को म्यूजियम के नए एग्जीबिट में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीरों को हटाकर मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें लगा दी गईं। यह कदम यूनाइटेड स्टूडेंट्स एलायंस द्वारा उठाया गया, जो इस्लामी छात्र शिविर से संबद्ध है।

छात्रों का आक्रोश और विरोध

इस बदलाव के खिलाफ छात्र भड़क गए और 14 सितंबर, 2026 तक विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। नाराज छात्रों ने न केवल जिन्ना की तस्वीरें हटाईं, बल्कि उन्हें फाड़ भी दिया। छात्रों का कहना है कि जिन्ना ने बंगाली भाषा आंदोलन को दबाने का काम किया था, इसलिए उन्हें विश्वविद्यालय में जगह देना स्वीकार्य नहीं है।

प्रशासन की कार्रवाई

स्थिति को काबू में करने के लिए प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर मोहम्मद अलमुजद्दादे अलफसाने की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि ये कदम 'समानांतर प्रशासन' चलाने की कोशिश है। इसमें न केवल फोटो का मामला, बल्कि 'निर्भीक जुलाई' स्मारक और बिना अनुमति के शुरू किए गए टीचर इवैल्यूएशन पोर्टल की भी जांच होगी।

निवेशकों के लिए क्या है चिंता?

क्षेत्रीय जानकारों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी वैचारिक लड़ाई सामाजिक-राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है। हालांकि यह मामला कैंपस तक सीमित है, लेकिन इससे निवेश और ऑपरेशनल स्थिरता पर असर पड़ सकता है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट और यूनिवर्सिटी के अगले कदमों पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.