डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला का गंभीर प्रकोप पिछले महामारियों को भी पीछे छोड़ सकता है, जहाँ **26,000** से अधिक संपर्क में आए लोग अभी भी अज्ञात हैं। ग्लोबल और भारतीय निवेशकों के लिए, मुख्य चिंता कोबाल्ट और कॉपर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन में संभावित व्यवधान की है, जो EV और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए अहम हैं।
क्या हुआ?
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में चल रहे इबोला प्रकोप को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य अधिकारियों को डर है कि मौजूदा स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, और यह 2014-2016 के पश्चिम अफ्रीकी महामारी से भी बदतर हो सकती है, जिसने बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान किया था। प्रकोप को नियंत्रित करने में एक बड़ी चुनौती यह है कि संक्रमितों के संपर्क में आए 26,000 से अधिक लोग अभी भी अज्ञात हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्रकोप अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, और तत्काल हस्तक्षेप के बिना, यह वायरस कम से कम एक और वर्ष तक फैल सकता है।
