भारत में क्यूबा के राजदूत Juan Carlos Marsán Aguilera ने अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी की आलोचना करते हुए BRICS के साथ अपने जुड़ाव को आर्थिक संप्रभुता के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
ओडिशा दौरे पर आए भारत में क्यूबा के राजदूत Juan Carlos Marsán Aguilera ने वैश्विक व्यापार में आ रहे बड़े बदलावों पर अपनी राय रखी है। उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे एकतरफा टैरिफ (Tariff) का पुरजोर विरोध किया है। राजदूत के अनुसार, ये कदम केवल राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं और वैश्विक कमर्शियल स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
BRICS का बढ़ता प्रभाव
राजदूत ने BRICS गठबंधन को एक वैकल्पिक और मल्टीपोलर (Multipolar) आर्थिक ढांचे के रूप में रेखांकित किया है। उनका मानना है कि क्यूबा का इस ब्लॉक में शामिल होना एक रणनीतिक जरूरत है। ग्लोबल साउथ के देश अब पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रभुत्व से दूर अपनी एक अलग राह तलाश रहे हैं, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
भले ही भारत और क्यूबा के बीच प्रत्यक्ष व्यापार का आंकड़ा बहुत छोटा है, लेकिन रणनीतिक लिहाज से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। भारत एक तरफ पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंध मजबूत रख रहा है, तो दूसरी तरफ BRICS में भी सक्रिय है।
निवेशकों को अब इन मोर्चों पर नजर रखनी होगी:
- सप्लाई चेन शिफ्ट: BRICS के भीतर व्यापार के नए रास्तों की तलाश से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
- करेंसी और पेमेंट: ब्लॉक के भीतर क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट मैकेनिज्म (Cross-border Payment) पर होने वाली चर्चाएं भविष्य में करेंसी मार्केट के समीकरण बदल सकती हैं।
- भू-राजनीतिक जोखिम: रूस जैसे देशों पर लगे प्रतिबंधों के जवाब में BRICS का एकजूट होना, टैरिफ और ऊर्जा व्यापार पर नीतिगत बदलाव ला सकता है।
