Beijing ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर Taiwan के साथ नए हथियारों के सौदे पर काम आगे बढ़ा, तो **24 सितंबर** को होने वाला US के साथ प्रस्तावित समिट रद्द हो सकता है। यह विवाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक बातचीत और ग्लोबल इकोनॉमिक सहयोग के लिए एक बड़ी बाधा बन गया है।
चीन ने राष्ट्रपति Donald Trump और Xi Jinping के बीच 24 सितंबर को होने वाली प्रस्तावित मुलाकात पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। बीजिंग का सीधा सा संदेश है कि Taiwan को हथियारों की बिक्री किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह कदम समिट की राह में 'रेड लाइन' बन सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह खबर?
यह मामला सिर्फ डिप्लोमैटिक नहीं है, बल्कि ग्लोबल मार्केट और सप्लाई चेन से गहराई से जुड़ा है। इस समिट में $30 बिलियन के व्यापारिक सामान पर टैरिफ कम करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। यदि संवाद टूटता है, तो ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ेगा।
टेक्नोलॉजी और AI पर असर
दोनों देशों के बीच आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) की सुरक्षा को लेकर भी बातचीत की तैयारी थी। टेक सेक्टर, जो पहले से ही क्रॉस-बॉर्डर रेगुलेशन और सप्लाई चेन में बदलाव को लेकर सेंसिटिव है, इस समिट के नतीजों पर पैनी नजर रखे हुए है।
बाजार पर रिस्क
दुनिया की दो सबसे बड़ी इकोनॉमी के बीच बढ़ता तनाव ग्लोबल इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) पैदा कर सकता है। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण है Washington की ओर से हथियारों के सौदे पर आधिकारिक घोषणा और राष्ट्रपति Xi Jinping की यात्रा पर अंतिम मुहर का इंतजार करना।
