26 अगस्त 2026 को चीन-नेपाल सीमा पर ग्लेशियर फटने से मची तबाही, 588 लोग लापता और 160 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर। Gyirong Port का इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त, सप्लाई चेन पर असर।
चीन और नेपाल सीमा पर 26 अगस्त 2026 को हुई एक भीषण आपदा ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ग्लेशियर के अचानक फटने से मडस्लाइड (mudslides) और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, तिब्बत के Gyirong Port इलाके में 588 लोग लापता हैं, जबकि नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में 160 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
राहत और बचाव कार्य
चीनी सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए People's Liberation Army (PLA) के वेस्टर्न थिएटर कमांड को तैनात किया है। राहत दल ड्रोन और एयर एसेट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि सड़क मार्ग पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। भौगोलिक अस्थिरता के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौती आ रही है।
ट्रेड और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर असर
आर्थिक नजरिए से देखें तो, Gyirong Port जो कि दोनों देशों के बीच व्यापार का एक मुख्य केंद्र है, फिलहाल पूरी तरह ठप पड़ गया है। सप्लाई लाइन्स कट जाने से क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड पर बड़ा ब्रेक लग गया है। हिमालयी क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों और निवेशकों के लिए यह घटना ऑपरेश्नल रिस्क (operational risk) की चेतावनी है। भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और रिकवरी की गति ही यह तय करेगी कि व्यापार कब तक पटरी पर लौट पाएगा।
