अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA द्वारा जारी 1998 की डीक्लासिफाइड फाइलों में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। ओसामा बिन लादेन ने 9/11 हमलों से काफी पहले ही भारत को अपने संभावित आतंकी अभियानों के लिए लक्षित किया था।
सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने 1998 के अपने राष्ट्रपति स्तर के खुफिया ब्रीफिंग्स को सार्वजनिक किया है, जिससे उस दौर की आतंकी गतिविधियों और अल-कायदा की कार्यप्रणाली पर नई रोशनी पड़ी है। इन फाइलों में 28 अगस्त 1998 की एक रिपोर्ट का जिक्र है, जिसका शीर्षक 'बिन लादेन आतंकी नेटवर्क अब भी एक खतरा है' था। इसमें भारत को संगठन के लिए एक संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था।
खुफिया दस्तावेजों में क्या है?
यह खुफिया रिपोर्ट केन्या और तंजानिया में हुए दूतावास बम धमाकों के बाद अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान और सूडान में किए गए मिसाइल हमलों के संदर्भ में तैयार की गई थी। उस दौरान बिन लादेन का नेटवर्क कम से कम 60 देशों में फैला हुआ था। हालांकि, दस्तावेजों में किसी विशिष्ट समय सीमा या भारत के भीतर सटीक लक्ष्यों का जिक्र नहीं है, क्योंकि सुरक्षा कारणों से फाइलों के कई हिस्सों को हटा (redact) दिया गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी नोट
यह जानकारी पूरी तरह से ऐतिहासिक है और इसका वर्तमान शेयर बाजार, किसी लिस्टेड कंपनी या फाइनेंशियल मार्केट से कोई लेना-देना नहीं है। यह रिपोर्ट केवल 9/11 से पहले के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य और उस दौर की भू-राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए एक रिकॉर्ड के तौर पर देखी जानी चाहिए। इसका भारतीय इक्विटी मार्केट की चाल पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
