ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट में आंतरिक कलह के कारण हलचल मच गई है। जजों के बीच बढ़ते विवाद और Banco Master से जुड़े आरोपों के चलते कोर्ट की सुनवाई रोक दी गई है, जिससे राष्ट्रपति चुनाव से पहले राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है।
न्यायिक संस्थान में गहराया संकट
ब्राजील का सुप्रीम कोर्ट एक गंभीर संस्थागत गतिरोध (Institutional Deadlock) से गुजर रहा है। चीफ जस्टिस Luiz Edson Fachin ने 9 और 10 सितंबर, 2026 को होने वाली सभी प्लेनरी सत्रों को रद्द कर दिया है। यह कदम कोर्ट के भीतर जजों Alexandre de Moraes और André Mendonça के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए एक 'एडमिनिस्ट्रेटिव पॉज' के रूप में लिया गया है।
क्या है विवाद की जड़?
यह सारा विवाद 1 सितंबर, 2026 को शुरू हुआ जब जस्टिस Mendonça ने गिर चुकी वित्तीय संस्था 'Banco Master' की जांच से जुड़े कुछ गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए। इन फाइलों में दावा किया गया है कि बैंक के पूर्व मालिक Daniel Vorcaro ने जस्टिस de Moraes से कानूनी सलाह ली थी। इसके अलावा, जस्टिस de Moraes की पत्नी से जुड़ी एक लॉ फर्म को R$131 मिलियन तक के संभावित कॉन्ट्रैक्ट मिलने के आरोपों ने आग में घी डालने का काम किया है।
निवेशकों के लिए क्यों है चिंता?
इन्वेस्टर्स और ग्लोबल मार्केट्स इस घटनाक्रम को ब्राजील की आर्थिक स्थिरता के नजरिए से देख रहे हैं। जब देश की सर्वोच्च अदालत ही आंतरिक भ्रष्टाचार और विवादों में घिरी हो, तो वहां के कानूनी और रेगुलेटरी ढांचे की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगते हैं। यह अस्थिरता विदेशी निवेश (FDI) के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है।
चुनावी राजनीति पर असर
यह न्यायिक तूफान ऐसे समय में आया है जब 4 अक्टूबर, 2026 को ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। राजनीतिक दल इस विवाद को अपने चुनाव प्रचार का हथियार बना रहे हैं, जिससे समाज में ध्रुवीकरण और अनिश्चितता बढ़ गई है। अब सबकी निगाहें 15 सितंबर, 2026 को होने वाली अगली बड़ी बैठक पर हैं, जहां यह तय होगा कि जस्टिस de Moraes के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू होगी या नहीं।
