बुल्गारिया के पास ब्लैक सी (Black Sea) में दो कमर्शियल जहाजों पर हुए ड्रोन हमलों ने समुद्री सुरक्षा की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस घटना से ग्लोबल लॉजिस्टिक्स कॉस्ट और कमोडिटी सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका है।
ब्लैक सी में सुरक्षा को लेकर एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जब 6 अक्टूबर, 2026 को दो मालवाहक जहाजों को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। बुल्गारिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में हुई इस घटना में Togo के झंडे वाले जहाज Alfa Watan के डूबने की खबर है, जबकि Palau के जहाज Able के क्रू को किसी तरह बचा लिया गया।
ग्लोबल ट्रेड पर पड़ेगा दबाव
इस हमले के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर टिक गई हैं। शिपिंग इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस घटना से ब्लैक सी रूट से गुजरने वाले जहाजों के लिए 'वॉर-रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम' (War-risk insurance premiums) में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
कमोडिटी कीमतों पर असर
ब्लैक सी का इलाका गेहूं (Wheat), मक्का (Corn) और सनफ्लावर ऑयल के लिए एक अहम ट्रेड रूट है। अगर यहां फ्रेट रेट्स बढ़ते हैं या जहाजों को अपना रूट बदलना पड़ता है, तो इसका सीधा असर इन कमोडिटीज की सप्लाई चेन पर पड़ेगा। भारत जैसे देशों के लिए, जो खाद्य तेलों और अन्य कमोडिटीज का आयात करते हैं, वैश्विक स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव घरेलू महंगाई को प्रभावित कर सकता है।
भारतीय निवेशकों के लिए सीख
भले ही इस हमले में शामिल जहाज किसी भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनी के न हों, लेकिन लॉजिस्टिक्स और एग्री-कमोडिटी आधारित कंपनियों के मार्जिन पर इसका असर पड़ सकता है। लंबी दूरी के रूट और फ्यूल की बढ़ती खपत कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating margins) पर दबाव डाल सकती है। आने वाले हफ्तों में मरीन इंश्योरेंस अंडरराइटर्स के फैसलों और ग्लोबल फ्रेट इंडेक्स (Freight indices) पर नजर रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है।
