बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट की अपीलीय डिवीजन ने चीफ प्रॉसिक्यूटर Md Aminul Islam को कड़ी चेतावनी दी है। मामला कोर्ट में चल रहे मामलों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से जुड़ा है।
बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट की अपीलीय डिवीजन ने मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को चीफ प्रॉसिक्यूटर Md Aminul Islam को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अदालती मामलों पर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी न करें। जस्टिस Md Rezaul Haque की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय बेंच ने यह टिप्पणी अबुल कलाम आजाद की अपील सुनवाई के दौरान की।
विवाद की जड़ क्या है?
यह कार्रवाई Aminul Islam के उन बयानों के बाद हुई है, जिनमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की अपील पात्रता को लेकर दावा किया था। प्रॉसिक्यूटर का तर्क था कि नवंबर 2025 में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए सजा पाने वाली Sheikh Hasina ने अपील के लिए निर्धारित 30 दिन की समय सीमा को खो दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये मामले फिलहाल 'सब-ज्यूडिस' (न्यायाधीन) हैं और किसी भी कानूनी अधिकारी को ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करे।
आगे क्या होगा?
यह विवाद 2013 के युद्ध अपराध मामले में दोषी अबुल कलाम आजाद की सुनवाई के बीच सामने आया है। अब कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को 4 सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। यह स्थगन कोर्ट की आगामी छुट्टियों के दौरान जारी रहेगा, जो 16 सितंबर से 25 अक्टूबर 2026 तक चलेंगी। देश की बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच, न्यायपालिका की इन सक्रिय कार्यवाहियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है, जो देश में स्थिरता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत है।
