BRICS Summit 2024: नई दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में बांग्लादेशी PM की भागीदारी पर सस्पेंस, क्या बिगड़ेंगे कूटनीतिक समीकरण?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
BRICS Summit 2024: नई दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में बांग्लादेशी PM की भागीदारी पर सस्पेंस, क्या बिगड़ेंगे कूटनीतिक समीकरण?

नई दिल्ली में **12-13 सितंबर** को होने वाले BRICS समिट में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भागीदारी को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। अगस्त 2024 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के बीच उपजे कूटनीतिक तनाव के कारण निवेशक इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहे हैं।

कूटनीतिक उलझन का असर

भारत की मेजबानी में होने वाले BRICS समिट के आउटरीच सेशन के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आमंत्रित किया गया है, क्योंकि वे वर्तमान में BIMSTEC के अध्यक्ष हैं। हालांकि, 9 सितंबर तक ढाका की ओर से उनके दौरे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह हिचकिचाहट अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में रहने के संवेदनशील मुद्दे के कारण दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान को दर्शाती है।

बाजार और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत आर्थिक रिश्ते हैं, जो सीमा पार व्यापार, एनर्जी सहयोग और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद में अनिश्चितता का असर लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल्स और एनर्जी सेक्टर पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्कता जरूरी है, क्योंकि दोनों देशों के बीच संबंधों का सामान्य होना रीजनल स्टेबिलिटी और स्मूथ सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण है।

आगे क्या उम्मीद करें?

फिलहाल सभी की निगाहें नई दिल्ली और ढाका से आने वाले किसी भी आधिकारिक बयान पर टिकी हैं। यदि यह दौरा तय होता है, तो यह कूटनीतिक तनाव को आर्थिक सहयोग से अलग रखने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। वहीं, अगर उच्च स्तरीय संवाद नहीं होता है, तो यह संकेत देगा कि दोनों देशों के रिश्तों को पटरी पर आने में अभी और समय लगेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.