UN जनरल असेंबली में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने '3-R' (रिकवरी, रेस्टोरेशन और रिकंस्ट्रक्शन) स्ट्रैटेजी का ऐलान किया है। इस प्लान का मुख्य मकसद देश में फैली राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार को खत्म कर आर्थिक मोर्चे पर भरोसा बहाल करना है।
3-R स्ट्रैटेजी और इकोनॉमिक रिफॉर्म्स
संयुक्त राष्ट्र की 81वीं जनरल असेंबली में प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने देश की बिगड़ी हुई आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के लिए '3-R' यानी रिकवरी (Recovery), रेस्टोरेशन (Restoration) और रिकंस्ट्रक्शन (Reconstruction) का फॉर्मूला पेश किया है। पिछले एक दशक से चली आ रही आर्थिक कुप्रबंधन की समस्याओं को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है संकेत?
बिजनेस जगत और विदेशी निवेशकों की नजर इस बात पर है कि सरकार कितनी जल्दी भ्रष्टाचार को मिटाकर संस्थागत सुधार (Institutional Reform) कर पाती है। न्यायिक और प्रशासनिक स्थिरता किसी भी देश में फॉरेन इन्वेस्टमेंट के लिए पहली शर्त होती है, जिसे अब सरकार अपनी प्राथमिकता बता रही है।
Rohingya संकट का वित्तीय बोझ
देश की आर्थिक सेहत पर Rohingya शरणार्थी संकट का गहरा असर पड़ रहा है। वर्तमान में 12 लाख से अधिक शरणार्थियों के कारण सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय दबाव है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे तब तक सहायता जारी रखें जब तक शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित नहीं हो जाती।
कूटनीतिक रुख में बदलाव
सरकार अब पुरानी नीतियों से हटकर 'बहुपक्षीय संवाद' (Multilateral Approach) की ओर बढ़ रही है। आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह रिफॉर्म एजेंडा जमीन पर उतरता है, क्योंकि इसी से बांग्लादेश में व्यापारिक भरोसे और भविष्य के ट्रेड संबंधों की दिशा तय होगी।
