बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान आगामी BRICS समिट में हिस्सा नहीं लेंगे। इस फैसले के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच जारी राजनयिक तनाव को लेकर निवेशक सतर्क हैं, जिसका असर भविष्य के ट्रेड और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है।
शिखर सम्मेलन से दूरी का कारण
ढाका सरकार ने साफ किया है कि भारत ने प्रधानमंत्री को BIMSTEC के अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया था, न कि राष्ट्र प्रमुख के तौर पर। इसके जवाब में बांग्लादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस समिट में अपना कोई भी प्रतिनिधि नहीं भेजेगा। सरकार का मानना है कि किसी भी द्विपक्षीय बातचीत के लिए माहौल का अनुकूल होना जरूरी है।
निवेशकों की चिंता और मार्केट पर असर
भारत और बांग्लादेश के बीच ट्रेड, एनर्जी इम्पोर्ट और क्रॉस-बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गहरे आर्थिक संबंध हैं। निवेशकों को डर है कि यदि उच्च-स्तरीय बातचीत में देरी होती है, तो कई भारतीय कंपनियों के प्रोजेक्ट्स और रेग्युलेटरी अप्रूवल्स में रुकावट आ सकती है।
वाटर ट्रीटी पर नजर
बाजार की सबसे बड़ी नजर दिसंबर 2026 में खत्म होने वाली 'गंगा जल संधि' (Ganges Water Sharing Treaty) पर टिकी है। इसके रिन्यूअल के लिए हाई-लेवल बातचीत जरूरी है। समिट में दूरी का मतलब है कि इन अहम समझौतों पर बातचीत और लंबी खिंच सकती है।
फिलहाल, मार्केट पार्टिसिपेंट्स इस बात पर गौर कर रहे हैं कि भविष्य में कब कोई द्विपक्षीय बैठक होती है, क्योंकि वही व्यापारिक अनिश्चितताओं को खत्म करने का सबसे बड़ा संकेत होगा।
