BIMSTEC Meeting: दिल्ली में होने वाली बैठक से बांग्लादेश के गृह मंत्री ने बनाई दूरी, बढ़ सकता है डिप्लोमैटिक तनाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
BIMSTEC Meeting: दिल्ली में होने वाली बैठक से बांग्लादेश के गृह मंत्री ने बनाई दूरी, बढ़ सकता है डिप्लोमैटिक तनाव

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद नई दिल्ली में आयोजित होने वाली पहली BIMSTEC गृह मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह सीनियर सेक्रेटरी मंजूर मोर्शेद चौधरी प्रतिनिधित्व करेंगे। अगस्त 2024 में ढाका में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ी कड़वाहट का असर अब क्षेत्रीय कूटनीति पर साफ दिख रहा है।

भारत और बांग्लादेश के बीच जारी राजनयिक खिंचाव का असर अब बड़े मंचों पर भी दिखाई देने लगा है। 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाली पहली BIMSTEC गृह मंत्री स्तरीय बैठक में बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच संबंधों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

क्यों है कूटनीतिक तनाव?

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद से ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच संवाद में कमी आई है। पूर्व प्रधानमंत्री की भारत में उपस्थिति और प्रत्यर्पण (Extradition) को लेकर दोनों पक्षों के बीच अनबन बनी हुई है। हाल ही में बांग्लादेश ने पूर्व लीडर के एक वर्चुअल मीडिया इंटरैक्शन पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की थी, जिसे कूटनीतिक स्तर पर 'स्ट्रेन्ड' (Strained) माहौल माना जा रहा है।

व्यापार और सुरक्षा पर क्या होगा असर?

BIMSTEC मंच मुख्य रूप से सुरक्षा, इंटेलिजेंस शेयरिंग और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के लिए है। हालांकि बांग्लादेश के पास वर्तमान में अप्रैल 2025 से BIMSTEC की चेयरमैनशिप है, लेकिन वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों की गैर-मौजूदगी से बड़े रणनीतिक फैसले लेने की क्षमता पर ब्रेक लग गया है।

इन्वेस्टर्स और रीजनल स्टेकहोल्डर्स के लिए यह एक संकेत है कि भविष्य में होने वाली क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड डील या बड़े आर्थिक समझौतों में देरी संभव है। फिलहाल, तकनीकी स्तर पर बातचीत तो जारी रहेगी, लेकिन उच्च स्तरीय भागीदारी के बिना किसी बड़े 'ब्रेकथ्रू' की उम्मीद कम ही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.