बांग्लादेश हाई कोर्ट ने हिंदू अधिकार नेता Chinmoy Krishna Das को दो और आपराधिक मामलों में जमानत दे दी है। हालांकि, कुल **6** में से **4** मामलों में राहत मिलने के बावजूद, देशद्रोह और हत्या जैसे गंभीर आरोपों के कारण उनकी रिहाई फिलहाल नहीं हो पाएगी।
रविवार, 6 सितंबर 2026 को जस्टिस KM Zahid Sarwar और जस्टिस Sheikh Abu Taher की बेंच ने यह फैसला सुनाया। यह राहत मुख्य रूप से तोड़फोड़ और पुलिस के काम में बाधा डालने से जुड़े मामलों में दी गई है।
जेल में क्यों बंद हैं Chinmoy Das?
जमानत मिलने के बाद भी Chinmoy Das अभी रिहा नहीं हो सकेंगे। उनके खिलाफ 6 केस दर्ज हैं, जिनमें से 4 में उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन शेष दो मामले उनकी राह का कांटा बने हुए हैं। इनमें सबसे अहम एक देशद्रोह का मामला है जिस पर फिलहाल स्टे (stay) लगा है और दूसरा चटोग्राम के स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल में चल रहा हत्या का केस है। यह मामला सरकारी वकील Saiful Islam Alif की दुखद मौत से जुड़ा है, जो साल 2024 के नागरिक अशांति के दौरान हुई थी।
भू-राजनीतिक असर
25 नवंबर 2024 से हिरासत में बंद Chinmoy Das, 'हिंदू सम्मिलित सनातन जागरण जोट' के एक प्रमुख चेहरा हैं। बांग्लादेश में साल 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद से ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। भारत सरकार ने भी इस मामले में अपनी चिंता जाहिर की है और बांग्लादेश से वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
क्षेत्रीय जानकारों और निवेशकों के लिए यह स्थिति बांग्लादेश में चल रही कानूनी और सामाजिक अस्थिरता को दर्शाती है। क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड और बिजनेस के नजरिए से इस इलाके में स्थिरता का होना बेहद जरूरी है, जिस पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।
