BRICS पार्लियामेंट्री फोरम ने **2025** के पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें **26** लोगों की जान गई थी। साथ ही, ब्लॉक ने एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों को खारिज कर दिया है, क्योंकि इनका असर ग्लोबल फूड और हेल्थ सिक्योरिटी पर बुरा पड़ रहा है।
BRICS पार्लियामेंट्री फोरम ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए 2025 के आतंकी हमले पर अपना रुख साफ करते हुए इसे कड़े शब्दों में नकारा है। एक संयुक्त घोषणापत्र में, फोरम ने वैश्विक जवाबदेही की मांग की है और हिंसा फैलाने वाले फाइनेंशियर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया है। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने किया।
ग्लोबल ट्रेड और प्रतिबंधों पर रुख
सुरक्षा चिंताओं के अलावा, फोरम ने ग्लोबल मार्केट्स पर पड़ रहे एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों के असर पर भी सवाल उठाए हैं। ब्लॉक का मानना है कि ये प्रतिबंध न केवल इंटरनेशनल लॉ के खिलाफ हैं, बल्कि इनसे सप्लाई चेन में बाधा आती है और फूड सिक्योरिटी पर खतरा मंडराता है। इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं अब ग्लोबल फाइनेंस और ट्रेड पॉलिसी को नए सिरे से आकार देने की कोशिश कर रही हैं।
वेस्ट एशिया में स्थिरता की मांग
जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर, फोरम ने इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष को हल करने के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' का समर्थन दोहराया है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों की मौजूदगी वाले इस ब्लॉक ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस पर टिकी है कि क्या यह सामूहिक आवाज भविष्य में ग्लोबल सैंक्शंस और इंटरनेशनल ट्रेड रेगुलेशंस में कोई बड़ा बदलाव लाएगी या नहीं।
