Andrew Mountbatten-Windsor ने फरवरी 2026 में उनके आवासों पर हुई पुलिस छापेमारी के दौरान जारी सर्च वारंट को अदालत में चुनौती दी है। यह मामला Jeffrey Epstein से उनके पुराने संबंधों और पब्लिक ऑफिस में कदाचार के आरोपों से जुड़ा है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर, 2026 को हाई कोर्ट में होगी।
कानूनी दांव-पेच और विवाद
Andrew Mountbatten-Windsor ने इस साल की शुरुआत में उनकी प्रॉपर्टीज पर हुई पुलिस छापेमारी की वैधता को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। फरवरी 2026 में Thames Valley Police द्वारा की गई इन रेड्स के दौरान जो सबूत जुटाए गए थे, अब उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है। यह मामला Jeffrey Epstein के साथ उनके पुराने संबंधों के चलते पब्लिक ऑफिस में कदाचार के आरोपों की जांच से जुड़ा है।
छापेमारी का दायरा
पुलिस ने Windsor स्थित Royal Lodge और Sandringham एस्टेट स्थित उनके आवासों की तलाशी ली थी। फरवरी में गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ के बाद से ही यह मामला ब्रिटिश शाही संस्थान के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बचाव पक्ष इस चुनौती में सफल रहता है, तो छापेमारी के दौरान मिले सबूतों की स्वीकार्यता पर गहरा असर पड़ सकता है, जो भविष्य की अदालती कार्यवाही को प्रभावित करेगा।
क्या है बड़ा रिस्क?
संस्थागत स्थिरता की दृष्टि से यह जांच अनिश्चितता का दौर लेकर आई है। हालांकि यह किसी कॉर्पोरेट विवाद जैसा नहीं है जिसे फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में मापा जा सके, लेकिन इसका असर पूरी तरह से रेपुटेशनल है। गौरतलब है कि बढ़ते दबाव के चलते King Charles III पहले ही उनके प्रिंसली टाइटल्स वापस ले चुके हैं।
अगली बड़ी तारीख
कानूनी संघर्ष का अगला अहम पड़ाव गुरुवार, 8 अक्टूबर, 2026 को है, जब हाई कोर्ट में प्राइवेट सुनवाई होगी। इस सुनवाई का फोकस ज्यूडिशियल रिव्यू की अर्जी पर होगा और यह तय किया जाएगा कि क्या मामले से जुड़े अदालती दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
