RSS-Linked Campaign Funds: अमेरिका में सियासी हलचल, 90 राजनेताओं ने चंदे पर लगाई रोक

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AuthorAditya Rao|Published at:
RSS-Linked Campaign Funds: अमेरिका में सियासी हलचल, 90 राजनेताओं ने चंदे पर लगाई रोक

अमेरिका के 90 राजनेताओं ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी संस्थाओं या व्यक्तियों से चुनावी चंदा न लेने की शपथ ली है। इस कदम ने वहां के राजनीतिक गलियारों में विदेशी फंडिंग को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

अमेरिका के आठ राज्यों के 90 निर्वाचित अधिकारियों और उम्मीदवारों ने एक गठबंधन बनाकर RSS और उससे जुड़ी संस्थाओं से मिलने वाले फाइनेंशियल सपोर्ट को अस्वीकार करने का ऐलान किया है। यह पहल 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स एक्शन' और 'साउथ एशियन अमेरिकन कोएलिशन टू रिन्यू डेमोक्रेसी एक्ट्स' (SACRED Acts) द्वारा समन्वित की गई है। यह घटनाक्रम 29 अगस्त, 2026 को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के बाद सामने आया है।

इस शपथ के तहत, राजनेता उन फंड्स को वापस करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो इन संगठनों से जुड़े हुए हैं। प्रतिनिधि रो खन्ना और प्रमिला जयपाल जैसे बड़े नाम इसमें शामिल हैं। रो खन्ना ने सार्वजनिक रूप से $6,600 के उस चुनावी चंदे को वापस करने की पुष्टि की है, जिसके तार इस संगठन से जुड़े थे।

इस फैसले के समर्थक इसे अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया को विदेशी हस्तक्षेप से बचाने का जरूरी कदम बता रहे हैं। वहीं, 'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' (HAF) और 'हिंदू अमेरिकन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी' (HAPAC) ने इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण 'लॉयल्टी टेस्ट' करार दिया है, जो विशेष रूप से हिंदू-अमेरिकी दानदाताओं को निशाना बनाता है। यह विवाद अब कैंपेन फाइनेंस और विदेशी संबंधों की जांच के दायरे को और सख्त बनाने की ओर इशारा कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.