ixigo की रणनीति का मुख्य आधार 'AI-first' यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्राथमिकता देना है। कंपनी का लक्ष्य भारत के तेजी से बढ़ते डोमेस्टिक ट्रैवल मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। इसके लिए, ixigo अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के ट्रिप प्लान करने और बुकिंग के तरीके को बेहतर बना रहा है। खासकर, छोटे शहरों के नए यूजर्स जो डिजिटल टूल्स और वॉयस-आधारित इंटरफेस को आसानी से अपना सकते हैं, उन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी सिर्फ बेसिक चैटबॉट से आगे बढ़कर अपने कोर प्लेटफॉर्म को 'AI-native' बना रही है।
कंपनी का AI असिस्टेंट, 'Tara', ट्रिप प्लानिंग को आसान बनाने, बुकिंग मैनेज करने और कन्वर्सेशन के जरिए पर्सनलाइज्ड सुझाव देने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा, ixigo ऑटोमेटेड बुकिंग री-कन्फर्मेशन और ट्रेन टिकट के लिए AI सीट फाइंडर जैसे टूल्स भी विकसित कर रहा है। यह AI इंटीग्रेशन यूजर्स को ज्यादा लॉयल बनाने और प्रतिस्पर्धियों से अलग पहचान बनाने में मदद करेगा।
इस AI-संचालित रणनीति का असर कंपनी के नतीजों पर भी दिख रहा है। Q3 FY26 में ixigo का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 31% बढ़कर ₹317 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹24 करोड़ रहा। कंपनी ने हाल ही में फरवरी 2026 में स्पेन की ट्रेन टिकटिंग प्लेटफॉर्म Trenes में 60% हिस्सेदारी €12 मिलियन में खरीदी है, जिससे इसके अंतर्राष्ट्रीय विस्तार की भी शुरुआत हुई है।
हालांकि, भारतीय ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) मार्केट में कॉम्पिटिशन बहुत तगड़ा है। MakeMyTrip का मार्केट शेयर 50% से ज्यादा है, जबकि ixigo अक्सर Cleartrip और Goibibo के साथ दूसरे स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करता है। ixigo अपनी ग्रोथ रेट और ट्रेन टिकटिंग में मजबूत पकड़ का फायदा उठाकर इन बड़े खिलाड़ियों को चुनौती दे रहा है। लेकिन, MakeMyTrip जैसे प्रतिद्वंद्वी मार्केटिंग पर ixigo के लगभग $18 मिलियन की तुलना में FY24 में $120 मिलियन से अधिक खर्च करते हैं।
ixigo का मार्केट कैपिटलाइजेशन मई 2026 तक लगभग ₹6,863 करोड़ से ₹7,365 करोड़ के बीच रहा। इसके trailing twelve months (TTM) अर्निंग्स के आधार पर प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 90.83 से 127.70 के बीच है, जो एक हाई वैल्यूएशन की ओर इशारा करता है। हालांकि FY25 में रेवेन्यू 39.39% बढ़कर ₹9.14 बिलियन हुआ, लेकिन इसी अवधि में रिपोर्टेड प्रॉफिट 20.60% घट गया। रेवेन्यू ग्रोथ और गिरते मुनाफे के बीच यह गैप निवेशकों का ध्यान खींच रहा है।
AI पर फोकस और डोमेस्टिक ट्रैवल में तेजी के बावजूद, कई चिंताएं हैं। एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है, रेटिंग 'Buy' से लेकर 'Sell' तक है। FY26 के लिए प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमानों को भी ₹2.20 से घटाकर ₹1.70 प्रति शेयर कर दिया गया है। यह FY25 में नेट प्रॉफिट में 20.60% की गिरावट के बाद आया है, जबकि रेवेन्यू बढ़ा था। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि मार्च 2026 तक कंपनी के प्रमोटर्स की इसमें कोई हिस्सेदारी नहीं थी, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म अलाइनमेंट पर सवाल उठा सकती है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि ixigo के शेयर के लिए 1-साल का प्राइस टारगेट INR 241 से INR 286.70 तक जा सकता है। भारतीय ऑनलाइन ट्रैवल मार्केट के 2026 में USD 25.38 बिलियन से बढ़कर 2031 तक USD 38.58 बिलियन होने का अनुमान है। ixigo की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपनी AI स्ट्रेटेजी को कितनी अच्छी तरह लागू कर पाता है, भीड़ भरे बाजार में खुद को कैसे अलग कर पाता है, और रेवेन्यू ग्रोथ को लगातार मुनाफे में बदलकर अपने मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहरा पाता है।
